डिमोशन पर लगी ब्रेक: CAT से उत्तराखंड के दो IPS अफसरों को बड़ी राहत।

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डिमोशन पर लगी ब्रेक: CAT से उत्तराखंड के दो IPS अफसरों को बड़ी राहत।


देहरादून: उत्तराखंड कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अफसर नीरू गर्ग और अरुण मोहन जोशी को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) से बड़ी राहत मिली है। अधिकरण ने केंद्र सरकार के उस आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसमें दोनों अधिकारियों को आईजी रैंक से घटाकर डीआईजी पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था।

मामला 5 मार्च 2026 के उस आदेश से जुड़ा है, जब गृह मंत्रालय ने नीरू गर्ग को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और अरुण मोहन जोशी को सीमा सुरक्षा बल (BSF) में डीआईजी पद पर तैनाती दी थी। इसके बाद 6 मार्च को उत्तराखंड सरकार ने भी उन्हें कार्यमुक्त कर केंद्र में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

दोनों अधिकारियों ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे “प्रोफेशनल डिमोशन” बताया। उनका कहना था कि वे पहले से आईजी रैंक पर कार्यरत हैं और बिना सहमति उन्हें एक रैंक नीचे भेजना सेवा नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए न आवेदन किया और न ही सहमति दी।

पहले नैनीताल हाईकोर्ट पहुंचे अधिकारियों को वहां से राहत नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने CAT का रुख किया। CAT ने सुनवाई के बाद केंद्र के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी और राज्य सरकार को चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल इस आदेश के बाद दोनों अफसर उत्तराखंड में अपने आईजी पद पर बने रहेंगे। अब अगली सुनवाई में यह साफ होगा कि सरकार इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाती है।