गरीबों के राशन पर डाका डालने वालों पर जिला पूर्ति अधिकारी विनोद तिवारी ने कसी नकेल, रुद्रपुर-गदरपुर की 5 सस्ती गल्ला दुकानों को किया सस्पेंड

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गरीबों के राशन पर डाका डालने वालों पर जिला पूर्ति अधिकारी विनोद तिवारी ने कसी नकेल, रुद्रपुर-गदरपुर की 5 सस्ती गल्ला दुकानों को किया सस्पेंड


रुद्रपुर। देश भर में कोई भी गरीब परिवार भूखा न सोए और हर जरूरतमंद तक सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा सस्ता खाद्यान्न समय पर पहुंचे, इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और सार्वजनिक वितरण प्रणाली जैसी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक भी उसका हक बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के पहुंचे। लेकिन दूसरी ओर कुछ राशन माफिया और भ्रष्ट सस्ती गल्ला विक्रेता गरीबों की थाली तक पहुंचने वाले सरकारी अनाज में सेंध लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं।

इसी कड़ी में ऊधमसिंहनगर जिले के जिला पूर्ति अधिकारी विनोद चंद तिवारी ने राशन माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर यह साफ कर दिया है कि गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। लंबे समय से जिले में राशन वितरण में गड़बड़ी, कालाबाजारी, कम तौल, रिकॉर्ड में हेराफेरी और पात्र लाभार्थियों को पूरा राशन न दिए जाने जैसी शिकायतें लगातार जिला पूर्ति विभाग तक पहुंच रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पूर्ति अधिकारी विनोद तिवारी के निर्देशन में विभागीय टीमों ने रुद्रपुर और गदरपुर क्षेत्र की कई सस्ती गल्ला दुकानों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया।

जांच के दौरान कई दुकानों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। विभागीय टीम ने जब स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर और ई-पॉश मशीन के रिकॉर्ड का मिलान किया तो भारी अंतर पाया गया। कई दुकानों पर खाद्यान्न का रिकॉर्ड तो पूरा दिखाया गया, लेकिन लाभार्थियों ने राशन न मिलने की शिकायत की। कुछ स्थानों पर लाभार्थियों के नाम पर राशन उठान दर्शाया गया, जबकि वास्तविक वितरण नहीं हुआ था। इतना ही नहीं, कई दुकानों पर पारदर्शिता के लिए लगाए जाने वाले बोर्ड और निर्धारित मूल्य सूची तक सही तरीके से प्रदर्शित नहीं मिली।

प्रारंभिक जांच में गड़बड़ियां प्रमाणित होने के बाद जिला पूर्ति विभाग ने रुद्रपुर और गदरपुर क्षेत्र की पांच सस्ती गल्ला दुकानों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। विभाग द्वारा संबंधित दुकानदारों के अभिलेख कब्जे में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले भर के राशन माफियाओं और सस्ती गल्ला विक्रेताओं में हड़कंप मचा हुआ है। तो अब सूत्रों के अनुसार यह खबर मिल रही है कि राशन माफिया जिला पूर्ति अधिकारी के खिलाफ षड्यंत्र के तहत साजिश रच कर छवि को धूमिल करना चाहते हैं,जबकि विश्व भर में  चल रही विश्व व्यापी दिक्कतों  के दौर में खाद्य,गैस और ईंधन को लेकर जिले भर में जिला पूर्ति अधिकारी विनोद चंद तिवारी ने व्यवस्थाएं दुरुस्त की है,जिसका जीता जागता उदाहरण यह है कि जिलेभर से कोई भी खाद्य, गैस, ईंधन से संबंधित बुरी खबर नहीं आई है।

जिला पूर्ति अधिकारी विनोद चंद तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार, कालाबाजारी और गरीबों के हक की चोरी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गरीब परिवारों के लिए भेजा गया खाद्यान्न किसी भी स्थिति में बाजार में नहीं बिकने दिया जाएगा और यदि कोई विक्रेता नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ न केवल लाइसेंस निलंबन और निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी, बल्कि आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य कानूनी धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।

सरकार की ओर से सस्ती गल्ला विक्रेताओं के लिए स्पष्ट नियम निर्धारित किए गए हैं, जिनके तहत प्रत्येक लाभार्थी को निर्धारित मात्रा में राशन देना अनिवार्य है। प्रत्येक दुकान पर स्टॉक और वितरण संबंधी पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना जरूरी है। ई-पॉश मशीन के माध्यम से पारदर्शी वितरण, बायोमेट्रिक सत्यापन, सही वजन, समय पर दुकान खोलना और रिकॉर्ड का सही रखरखाव प्रत्येक विक्रेता की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद यदि कोई विक्रेता नियमों की अनदेखी कर गरीबों का राशन हड़पने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय मानी जाएगी।

जिला पूर्ति विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के बाद आम जनता और पात्र लाभार्थियों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से राशन वितरण में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही थीं, लेकिन अब प्रशासन की सख्ती से गरीबों को उनका पूरा हक मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं दूसरी ओर जिले के तमाम सस्ती गल्ला विक्रेताओं में भी इस कार्रवाई के बाद खलबली मची हुई है और विभाग की निगाहें अब पूरे जिले की राशन व्यवस्था पर टिकी हुई हैं।