रुद्रपुर की हर्षा ने रचा इतिहास, 500 में 500 अंक लाकर बनी उत्तराखंड की शान।

खबरें शेयर करें -

रुद्रपुर की हर्षा ने रचा इतिहास, 500 में 500 अंक लाकर बनी उत्तराखंड की शान।


रुद्रपुर (उत्तराखंड), 15 अप्रैल 2026 – केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में उत्तराखंड के रुद्रपुर की छात्रा हर्षा ने इतिहास रच दिया। दिल्ली पब्लिक स्कूल की इस होनहार छात्रा ने 500 में से 500 अंक हासिल कर न सिर्फ अपने स्कूल बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन कर दिया। हर्षा की इस अभूतपूर्व सफलता से स्कूल, परिवार और क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

परिणाम घोषित होते ही स्कूल में जश्न का माहौल बन गया, जहां शिक्षक, छात्र और अभिभावक सभी हर्षा की इस उपलब्धि से उत्साहित नजर आए। स्कूल के चेयरमैन सुरजीत सिंह ने हर्षा की सफलता को पूरे उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि हर्षा की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है, जिसने यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

सुरजीत सिंह इस उपलब्धि को लेकर भावुक भी दिखे। उन्होंने बताया कि हर्षा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार पढ़ाई पर फोकस बनाए रखा और अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कभी स्कूल की आलोचना करते थे, उनके लिए हर्षा की सफलता एक सशक्त जवाब है। यह सफलता दिखाती है कि सही मार्गदर्शन और समर्पण से बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।

वहीं हर्षा ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें खुद भी इतने शानदार अंक आने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन नियमित पढ़ाई और स्व-अध्ययन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। हर्षा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी प्रकार की ट्यूशन नहीं ली और अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन व निरंतर अभ्यास के दम पर यह सफलता हासिल की।

हर्षा की मां ने भी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि वह शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रही है और हर दिन पूरी ईमानदारी से मेहनत करती थी। उन्होंने कहा कि यह सफलता पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है और यह साबित करती है कि निरंतर मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है।

हर्षा की यह सफलता उन सभी छात्रों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो बड़े सपने देखते हैं। यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि अगर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ा जाए तो सफलता निश्चित रूप से कदम चूमती है।