डेटा इंटीग्रेशन से अपात्र राशन कार्ड धारकों पर कसेगा शिकंजा, कई विभागों के रिकॉर्ड होंगे क्रॉस-वेरिफाई

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डेटा इंटीग्रेशन से अपात्र राशन कार्ड धारकों पर कसेगा शिकंजा, कई विभागों के रिकॉर्ड होंगे क्रॉस-वेरिफाई
नई दिल्ली। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के डेटा का एकीकरण कर रही है। इस पहल के तहत सीमा शुल्क एवं अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीआईसी), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) के वाहन डेटाबेस, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के एग्री स्टैक, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय तथा डाक विभाग के अभिलेखों का उपयोग किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य इन सभी डेटा स्रोतों के माध्यम से राशन कार्ड लाभार्थियों का स्वचालित सत्यापन और रिकॉर्ड का क्रॉस-वैलिडेशन करना है। इससे ऐसे लोगों की लगातार पहचान हो सकेगी जो पात्रता के मानकों पर खरे नहीं उतरते, लेकिन पीडीएस का लाभ ले रहे हैं।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से लाभार्थी डेटाबेस की सटीकता बढ़ेगी, राशन कार्ड रिकॉर्ड का नियमित अद्यतन आसान होगा और अपात्र लाभार्थियों को समय पर सूची से हटाया जा सकेगा। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकारी खाद्यान्न एवं अन्य सुविधाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे।
यह पहल पीडीएस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, तकनीक आधारित और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।