“जिंदा आटा पीस देने” की धमकी का आरोप: द्वारिका फ्लोर मिल संचालक समेत तीन पर कोर्ट के आदेश से मुकदमा दर्ज

खबरें शेयर करें -

“जिंदा आटा पीस देने” की धमकी का आरोप: द्वारिका फ्लोर मिल संचालक समेत तीन पर कोर्ट के आदेश से मुकदमा दर्ज


रुद्रपुर। सड़क हादसे के बाद हुए विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब बीच-बचाव करने पहुंचे एक व्यक्ति के साथ कथित रूप से मारपीट, मोबाइल छीनने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया। इस मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने द्वारिका फ्लोर मिल के संचालक बलराम अग्रवाल, उनके भाई अशोक अग्रवाल और पुत्र अरुण अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ग्राम सैंजनी निवासी स्वदेश कुमार सिंह उर्फ बंटी पुत्र ऋषिपाल सिंह ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि 11 दिसंबर 2025 को वह अपने निजी कार्य से रुद्रपुर जा रहे थे। सुबह लगभग साढ़े ग्यारह बजे तुलसी द्वार के सामने एक बाइक और पिकअप वाहन के बीच टक्कर हो गई। हादसे के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि पिकअप चालक ने खुद को फंसता देख पास स्थित द्वारिका फ्लोर मिल से अपने मालिक और अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया।

पीड़ित के अनुसार कुछ ही देर में बलराम अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, अरुण अग्रवाल और उनके साथ तीन-चार अन्य लोग वहां पहुंच गए। आरोप है कि मौके पर पहुंचते ही उन्होंने बाइक सवार के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान स्वदेश कुमार सिंह ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो आरोपी उनसे भी उलझ गए। शिकायत में कहा गया है कि अशोक अग्रवाल ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया, जबकि अन्य लोगों ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की।

स्वदेश कुमार सिंह का आरोप है कि विरोध करने पर बलराम अग्रवाल ने ट्रक से लोहे की रॉड निकालकर उनके सिर पर वार कर दिया, जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। आरोप यह भी है कि इसके बाद बलराम अग्रवाल ने अपने साथियों से कहा कि उसे फ्लोर मिल के अंदर ले जाकर “जिंदा ही आटा पीस दो।” शिकायत के मुताबिक आरोपी उन्हें जबरन खींचते हुए मिल की ओर ले जाने लगे, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर उन्हें बचा लिया।

पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने रुद्रपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। अंततः न्याय की उम्मीद में उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।

न्यायालय के आदेश के अनुपालन में रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने बलराम अग्रवाल, अशोक अग्रवाल और अरुण अग्रवाल निवासी होली चौक, गुरुद्वारे के पास, आवास विकास रुद्रपुर तथा द्वारिका फ्लोर मिल, मलसा रोड, शिमला पिस्तौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि शिकायत में न केवल मारपीट और मोबाइल छीनने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, बल्कि पीड़ित को फ्लोर मिल में ले जाकर जान से मारने की धमकी देने का भी उल्लेख किया गया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपों की पुष्टि किस हद तक होती है।