

CBSE में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता हटाए गए, OSM ठेके की जांच करेंगी एस. राधा चौहान
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए CBSE के अध्यक्ष Rahul Singh और सचिव Himanshu Gupta का तबादला कर दिया है। साथ ही OSM सेवाओं की खरीद (प्रोक्योरमेंट) और उससे जुड़े पूरे टेंडर प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। �


सरकार द्वारा गठित इस जांच समिति की अध्यक्षता S. Radha Chauhan करेंगी, जो वर्तमान में क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) की अध्यक्ष हैं। समिति को OSM सेवाओं की खरीद, टेंडर शर्तों में हुए बदलाव, चयन प्रक्रिया और कार्यान्वयन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट एक महीने के भीतर सौंपने का निर्देश दिया गया है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कक्षा 12 के परिणामों के बाद देशभर से छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ियों, कम अंक मिलने, धुंधली स्कैन कॉपियों, पन्नों के गायब होने और उत्तर पुस्तिकाओं के मिलान में त्रुटियों जैसी शिकायतें उठाईं। इसके बाद OSM प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होने लगे।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब 17 वर्षीय छात्र शोधकर्ता Sarthak Sidhant ने संसदीय स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत होकर आरोप लगाया कि OSM से जुड़े टेंडर दस्तावेजों में ऐसे बदलाव किए गए जो कथित रूप से एक विशेष कंपनी के पक्ष में दिखाई देते हैं। छात्र ने दावा किया कि टेंडर की कुछ मूल शर्तों को बाद में बदला गया था।
OSM प्रणाली संचालित करने वाली कंपनी Coempt EduTeck भी जांच के दायरे में है। हाल के दिनों में पोर्टल की सुरक्षा खामियों, तकनीकी गड़बड़ियों और मूल्यांकन संबंधी शिकायतों के कारण कंपनी पर कार्रवाई की चर्चा तेज हुई थी।
केंद्र सरकार का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि CBSE की डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था में सामने आई अनियमितताओं और खरीद प्रक्रिया से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और बड़े प्रशासनिक या कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
