रुद्रपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लेकर उठी आवाज, छात्र हित में बदलाव की मांग।

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रुद्रपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लेकर उठी आवाज, छात्र हित में बदलाव की मांग।


रुद्रपुर -राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू नई व्यवस्था को लेकर रुद्रपुर में असंतोष सामने आया है। शिवनगर वार्ड नं. 08 निवासी प्रेम विश्वास ने उच्च शिक्षा मंत्री उत्तराखंड सरकार को पत्र भेजकर स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों की परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई है।

प्रेम विश्वास ने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार यदि अंतिम वर्ष के सेमेस्टर में कोई छात्र किसी एक विषय में अनुत्तीर्ण हो जाता है, तो उसे आगे की पढ़ाई में एक वर्ष का गैप देना पड़ता है। साथ ही संबंधित विषय की परीक्षा एक वर्ष बाद “बैक परीक्षा” के रूप में कराई जाती है। इससे विद्यार्थियों का एक पूरा साल प्रभावित हो रहा है और उनके भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

उन्होंने मांग की है कि छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था में संशोधन किया जाए, ताकि अनुत्तीर्ण छात्रों को शीघ्र पुनर्परीक्षा का अवसर मिल सके और उनका शैक्षणिक सत्र बाधित न हो।

पत्र में विशेष रूप से कुमाऊं विश्वविद्यालय (नैनीताल विश्वविद्यालय) का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि वहां यह समस्या गंभीर रूप से बनी हुई है।

प्रेम विश्वास ने अपनी मांग की प्रतिलिपि उच्च शिक्षा मंत्री भारत सरकार तथा प्रधानमंत्री कार्यालय को भी प्रेषित की है और शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई है।