

हज में ‘स्मार्ट वॉच’ के नाम पर ₹87 करोड़ वसूली का दावा, सच सामने आने से पहले मचा बवाल।


हज कमेटी ऑफ इंडिया से जुड़ा एक बड़ा दावा इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि हज यात्रा 2026 के दौरान करीब 1.25 लाख भारतीय यात्रियों से स्मार्ट वॉच खरीदने के नाम पर प्रति व्यक्ति ₹7000 वसूले गए। इस दावे के आधार पर कुल रकम लगभग ₹87 करोड़ 50 लाख बताई जा रही है, जिसने लोगों के बीच हलचल पैदा कर दी है।
वायरल हो रहे मैसेज और पोस्ट्स में इसे सीधे तौर पर हज यात्रियों से जबरन वसूली बताया जा रहा है। आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि यात्रियों को यह कहकर स्मार्ट वॉच दी गई कि इसे खरीदना अनिवार्य है, जिससे उनकी धार्मिक यात्रा के दौरान सुरक्षा और निगरानी आसान हो सके। इन दावों ने आम लोगों के साथ-साथ हज से जुड़े परिवारों के बीच भी चिंता और नाराजगी बढ़ा दी है।
हालांकि, जब इस पूरे मामले की हकीकत को समझने की कोशिश की गई तो स्थिति उतनी स्पष्ट नहीं दिखी जितनी वायरल पोस्ट्स में बताई जा रही है। अब तक किसी भी आधिकारिक बयान या सरकारी पुष्टि में यह नहीं कहा गया है कि स्मार्ट वॉच खरीदना अनिवार्य था या वास्तव में इतनी बड़ी रकम वसूली गई। यह भी साफ नहीं है कि यदि कोई शुल्क लिया गया तो वह किस सेवा या सुविधा के तहत था और क्या वह पूरी तरह स्वैच्छिक था या नहीं।
इस पूरे विवाद में ₹87 करोड़ की राशि सिर्फ अनुमान के आधार पर निकाली गई है, जो यात्रियों की संख्या और बताए गए शुल्क को जोड़कर सामने लाई गई है। लेकिन इस आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। न ही अभी तक किसी जांच एजेंसी की रिपोर्ट सामने आई है और न ही हज कमेटी की ओर से ऐसा कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण आया है जो इन आरोपों को पूरी तरह सही या गलत साबित कर सके।
ऐसे में फिलहाल यह मामला सवालों के घेरे में जरूर है, लेकिन ठोस सबूतों के अभाव में इसे पूरी तरह सच मानना जल्दबाजी होगी। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित अधिकारी और हज कमेटी इस पर क्या आधिकारिक जवाब देते हैं और असल सच्चाई क्या सामने आती है।
