

रुद्रपुर में ‘जीरो टॉलरेंस’ पर सवाल: विधायक शिव अरोड़ा के करीबी पर 70 हजार मासिक वसूली का आरोप।


रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भाजपा के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें सीधे तौर पर विधायक शिव अरोड़ा की छवि पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप उनके करीबी बताए जा रहे विकास सागर पर है, जिन पर पुलिस और सिस्टम का डर दिखाकर वाहनों से हर महीने करीब 70 हजार रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगा है।
शिकायतकर्ता राम सिंह के मुताबिक, यह रकम किसी वैध सेवा के बदले नहीं बल्कि ‘सुरक्षा शुल्क’ के नाम पर ली जा रही थी, ताकि पुलिस कार्रवाई से बचाया जा सके। आरोप है कि विकास सागर अपने प्रभाव और ऊंचे संपर्कों का हवाला देकर यह भरोसा दिलाता था कि वाहन ओवरलोडिंग या कागजात की कमी में पकड़े जाने पर भी वह मामला “सेट” करा देगा।
14 अप्रैल 2026 को किच्छा रोड पर हुई एक घटना ने पूरे मामले को उजागर कर दिया। पुलिस ने वाहन का 77,500 रुपये का चालान कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने विकास सागर से संपर्क किया, जिसने उसे सीओ सिटी कार्यालय बुलाया। तहरीर के अनुसार, विकास सागर अंदर गया और बाहर आकर दावा किया कि मामला सुलझा दिया गया है। लेकिन इसके बाद कथित तौर पर पीड़ित का मोबाइल फोन गायब हो गया, जिसे सबूत मिटाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
यह मामला अब सिर्फ वसूली तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि एक संगठित नेटवर्क की आशंका भी जताई जा रही है। शहर में चर्चाएं हैं कि आरोपी का राजनीतिक संरक्षण हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों ने इन चर्चाओं को और हवा दी है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी विधायक के करीबियों पर सिडकुल में कमीशनखोरी के आरोप लग चुके हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह महज संयोग है या कोई पैटर्न उभर रहा है।
मामले पर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। एसपी सिटी डॉ. उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो चुकी है और जांच जारी है। हालांकि, लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ेगी और क्या किसी बड़े नाम तक पहुंचेगी।
वहीं, आरोपी विकास सागर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला, जिससे उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।
अब रुद्रपुर की जनता की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में सच्चाई सामने आएगी या यह भी समय के साथ दब जाएगा।
