महिला स्वयं सहायता समूहों को मिली नई उड़ान, मुख्यमंत्री धामी ने फूड ट्रक और बोलेरो वाहनों को दिखाई हरी झंडी

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महिला स्वयं सहायता समूहों को मिली नई उड़ान, मुख्यमंत्री धामी ने फूड ट्रक और बोलेरो वाहनों को दिखाई हरी झंडी
खटीमा, 1 अगस्त। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार और ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की पहल लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। इसी क्रम में शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, खटीमा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों को आजीविका संवर्धन के लिए उपलब्ध कराए गए फूड ट्रक एवं बोलेरो वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। परियोजना के जरिए स्वयं सहायता समूहों को न केवल रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, बल्कि उनकी नियमित आय में भी वृद्धि हो रही है, जिससे वे अपने परिवार और समाज की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
कार्यक्रम के तहत गदरपुर विकासखंड की एकता सीएलएफ को एक फूड ट्रक प्रदान किया गया। वहीं गदरपुर विकासखंड की शाहकार सीएलएफ के नारीशक्ति ग्राम संगठन तथा बाजपुर विकासखंड की सत्यमेव जयते सीएलएफ को एक-एक बोलेरो वाहन उपलब्ध कराया गया। इन वाहनों के माध्यम से महिला समूह अपने उत्पादों का परिवहन, विपणन और व्यवसाय विस्तार अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक संसाधनों और बेहतर विपणन सुविधाओं से जुड़े ये महिला समूह भविष्य में अपने व्यवसाय का विस्तार करेंगे और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।
ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फूड ट्रक और बोलेरो जैसे संसाधन उपलब्ध होने से स्वयं सहायता समूहों को बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी, उनके उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी और आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे ग्रामीण महिलाओं का आत्मविश्वास मजबूत होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी नई गति मिलेगी।