चार महीने तक नहीं सुनी फरियाद, जनता दरबार में युवक ने पेट्रोल डालकर की आत्मदाह की कोशिश।

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चार महीने तक नहीं सुनी फरियाद, जनता दरबार में युवक ने पेट्रोल डालकर की आत्मदाह की कोशिश।


ग़दरपुर -ऊधमसिंहनगर जिले के गदरपुर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक ने जनता दरबार के दौरान अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश कर डाली। चार महीने से न्याय की गुहार लगा रहे युवक का आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे आहत होकर उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

बताया जा रहा है कि गदरपुर निवासी युवक पिछले चार महीनों से एक मामले में पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहा था। उसने कई बार थाना स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों तक शिकायत दी, लेकिन उसके अनुसार न तो मुकदमा दर्ज हुआ और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाया गया। लगातार अनसुनी और टालमटोल से परेशान युवक ने आखिरकार जनता दरबार को आखिरी उम्मीद मानकर वहां पहुंचा।

जनता दरबार में जब उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो आक्रोश और हताशा में उसने अपने साथ लाया पेट्रोल खुद पर उड़ेल लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए युवक को काबू में किया और किसी तरह बड़ी अनहोनी टाल दी। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए कि आखिर एक युवक पेट्रोल लेकर जनता दरबार तक कैसे पहुंच गया।

घटना ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यदि किसी पीड़ित को न्याय के लिए आत्मदाह जैसा कदम उठाने की नौबत आ जाए, तो यह व्यवस्था की संवेदनहीनता को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई होती, तो युवक को अपनी जान जोखिम में डालने जैसा कदम नहीं उठाना पड़ता।

फिलहाल युवक को सुरक्षित हिरासत में लेकर उसकी काउंसलिंग कराई जा रही है और प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या चार महीने तक चली अनदेखी की जिम्मेदारी तय होगी या फिर यह मामला भी आश्वासनों की भीड़ में दब जाएगा। जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों को त्वरित न्याय देना है, मगर इस घटना ने व्यवस्था की संवेदनशीलता और जवाबदेही दोनों पर गंभीर बहस छेड़ दी है।