अगले 48 घंटे उत्तराखंड पर भारी! बारिश का रेड जोन बना प्रदेश, मसूरी में 100 साल पुराना पेड़ गिरा, उत्तरकाशी में भूस्खलन से हाईवे बंद, कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी

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अगले 48 घंटे उत्तराखंड पर भारी! बारिश का रेड जोन बना प्रदेश, मसूरी में 100 साल पुराना पेड़ गिरा, उत्तरकाशी में भूस्खलन से हाईवे बंद, कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी
उत्तराखंड में मानसून अब आफत बनकर बरस रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने आज और कल के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और बिजली गिरने की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। जबकि अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत अन्य जिलों में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 14 जुलाई तक पूरे राज्य में बारिश का दौर जारी रहेगा।
भारी बारिश के खतरे को देखते हुए कई जिलों में एहतियातन स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। अल्मोड़ा, देहरादून, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, निजी और अशासकीय विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
इधर पहाड़ों की रानी मसूरी में बुधवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अपर माल रोड स्थित बेकरी हिल के पास करीब 100 साल पुराना विशाल खाखसी प्रजाति का पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में एक कार और तीन स्कूटी आ गईं, लेकिन सौभाग्य से उस समय किसी वाहन में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
पेड़ गिरते ही अपर माल रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कटर मशीन की मदद से पेड़ को कई हिस्सों में काटकर करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क से हटाया गया और यातायात दोबारा सुचारू कराया गया।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में पुराने और विशाल पेड़ों के गिरने का खतरा काफी बढ़ गया है। ऐसे संवेदनशील पेड़ों की पहचान कर उनकी शाखाओं की कटाई और जरूरत पड़ने पर उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
उत्तरकाशी जिले में भी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नालूपानी के पास भारी भूस्खलन और मलबा आने से बंद हो गया, जबकि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी के समीप भी भूस्खलन के कारण बाधित हो गया। हालांकि राहत एजेंसियां और जेसीबी मशीनें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं और गंगोत्री हाईवे को आंशिक रूप से खोल दिया गया है, लेकिन पहाड़ियों से लगातार गिर रहे बोल्डरों के कारण सफर अभी भी जोखिम भरा बना हुआ है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्या ने पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। उन्होंने आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भूस्खलन संभावित स्थानों पर पहले से जेसीबी मशीनें और पर्याप्त मैनपावर तैनात रखने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अगले 48 घंटे पूरे उत्तराखंड के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।