उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: नौ जिलों में बारिश की चेतावनी, पश्चिमी विक्षोभ से 4 डिग्री तक गिरेगा तापमान।

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उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: नौ जिलों में बारिश की चेतावनी, पश्चिमी विक्षोभ से 4 डिग्री तक गिरेगा तापमान।


समाचार इंडिया 1।

उत्तराखंड के कुमाऊँ और गढ़वाल मंडलों में मौसम ने अचानक करवट लेने के संकेत दे दिए हैं। सुबह से आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं ने फरवरी के दूसरे पखवाड़े में फिर से सर्दी का अहसास करा दिया है। कई स्थानों पर लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।

बीते दिन की तस्वीर बिल्कुल अलग थी। देहरादून में चटख धूप के बीच अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग छह डिग्री अधिक रहा। पारा 29 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने से मार्च-अप्रैल जैसी गर्मी का एहसास होने लगा था, लेकिन अब मौसम ने तेजी से रुख बदल लिया है और तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।

हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह बदलाव देखा जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि आज शाम से राज्य के कई जिलों में मौसम का असर दिखाई देगा। विभाग के अनुसार चमोली और उत्तरकाशी में कुछ स्थानों पर वर्षा की संभावना है, जबकि रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने यह भी अनुमान जताया है कि 3300 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात संभव है। इसके चलते पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे ठंड में और इजाफा होगा।

आईएमडी के अनुसार 19 फरवरी को भी चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद 20, 21 और 22 फरवरी को मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। हालांकि 23 और 24 फरवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में पुनः वर्षा और ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात के आसार बन सकते हैं।

लगातार बदलते मौसम को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तापमान में संभावित गिरावट और बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।