पंतनगर विश्वविद्यालय में 15 दिवसीय रोबोटिक्स और एआई कार्यशाला का समापन, विद्यार्थियों ने पेश किए इनोवेटिव प्रोजेक्ट

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पंतनगर विश्वविद्यालय में 15 दिवसीय रोबोटिक्स और एआई कार्यशाला का समापन, विद्यार्थियों ने पेश किए इनोवेटिव प्रोजेक्ट
पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर के प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग तथा एआई स्क्वायर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण कार्यशाला का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। 24 जून से 8 जुलाई तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का आयोजन प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एस.एस. गुप्ता के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यशाला का संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. के.के. शर्मा तथा प्रो. डॉ. अभिषेक तोमर ने किया। प्रशिक्षण के दौरान एआई स्क्वायर के संस्थापक पर्व कपूर और विशेषज्ञ अर्नव रस्तोगी ने प्रतिभागियों को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक एम्बेडेड प्रणालियों से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी कौशल विकसित करने, नवाचार की सोच को बढ़ावा देने तथा रोबोटिक्स और एआई आधारित तकनीकों का व्यवहारिक अनुभव प्रदान करना था। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 56 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों ने अपने द्वारा विकसित विभिन्न इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया, जिन्हें उपस्थित शिक्षकों और विशेषज्ञों ने सराहा। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं टीमों को प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एस.एस. गुप्ता तथा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. लोकेश वार्ष्णेय ने विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के अंत में एआई स्क्वायर ने भविष्य में भी प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के साथ रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी प्रशिक्षण और नवाचार आधारित परियोजनाओं में सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस कार्यशाला को विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल और नवाचार क्षमता को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास माना गया।