

दिशा बैठक में सांसद अजय भट्ट का सख्त एक्शन: ऊर्जा निगम के अधिकारियों को लगाई फटकार, ईएसआईसी अस्पताल की लापरवाही पर जांच के आदेश, जल जीवन मिशन से लेकर सड़क परियोजनाओं तक मांगा हिसाब


केंद्र सरकार की योजनाओं की समीक्षा में कई विभागों की खुली पोल, यूपीसीएल अधिकारियों से मांगा बजट और कार्यों का पूरा ब्योरा, लापरवाह ठेकेदारों पर कार्रवाई और भुगतान रोकने के निर्देश।
रुद्रपुर, 7 जुलाई। ऊधमसिंह नगर के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद अजय भट्ट का बेहद सख्त और आक्रामक रुख देखने को मिला। केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने कई विभागों के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही, ढिलाई या जवाबदेही से बचने की कोशिश अब स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, सड़क, आवास, कृषि, शिक्षा, ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़े दर्जनों विषयों पर विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत में सांसद अजय भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। यदि किसी विभाग की लापरवाही से योजनाएं प्रभावित होती हैं तो उसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तरीके से विकास कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर सबसे ज्यादा नाराजगी
बैठक के दौरान सांसद का सबसे कड़ा रुख ऊर्जा निगम (यूपीसीएल) के अधिकारियों के प्रति दिखाई दिया। उन्होंने पाया कि रुद्रपुर और काशीपुर डिवीजन के अधिशासी अभियंताओं द्वारा दिशा समिति की बैठकें नियमित रूप से नहीं कराई जा रही हैं। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्होंने जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया को दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत बिजली विभाग को जो बजट मिला है, उसका उपयोग किस प्रकार किया गया, किन-किन कार्यों पर खर्च हुआ और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है, इसका विस्तृत विवरण तत्काल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने संकेत दिए कि यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनियमितता या बजट के उपयोग में गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
ईएसआईसी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
राज्य कर्मचारी बीमा चिकित्सालय (ईएसआईसी) में मरीजों को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों को सांसद ने गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों द्वारा मरीजों के साथ लापरवाही बरतने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल को अस्पताल का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि यदि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों या आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की कमी है तो मरीजों को समय रहते उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाए। इलाज में देरी या लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जल जीवन मिशन में गुणवत्ता और समय सीमा पर जोर
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान सांसद ने पेयजल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां कहीं भी पाइपलाइन लीकेज की शिकायत मिले, उसे तत्काल ठीक किया जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खराब पेयजल लाइनों की सूची तैयार कर जिलाधिकारी को दें ताकि विभाग तत्काल कार्रवाई कर सके।
उन्होंने अधूरे कार्यों को समय से पूरा करने तथा लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनका भुगतान रोकने के निर्देश भी दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पेयजल संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए विभाग का टोल फ्री नंबर 1800-180-4100 भी संचालित है।
सड़क, पुल और आधारभूत ढांचे पर विशेष जोर
सांसद ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि रुद्रपुर-नैनीताल हाईवे पर डीडी चौक से परशुराम चौक के बीच फुटओवर ब्रिज का प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए। इसके अलावा हल्द्वानी रोड स्थित टांडा रेंज रेलवे क्रॉसिंग पर रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण के लिए भी प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने बाजपुर क्षेत्र में लेवड़ा नदी पर बन रहे पुल का निर्माण शीघ्र पूरा करने को कहा। वहीं किच्छा में प्रस्तावित विश्वविद्यालय भवन के लिए 38 एकड़ भूमि चिन्हित किए जाने और प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की जानकारी भी अधिकारियों ने दी।
गौशालाओं और पशु संरक्षण की समीक्षा
बैठक में निराश्रित गोवंश के संरक्षण को लेकर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि खटीमा में गौशाला निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। रुद्रपुर में नगर निगम द्वारा गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है जबकि अन्य स्थानों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेज दी गई है।
इन योजनाओं की भी हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में सांसद अजय भट्ट ने मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, अमृत योजना, अमृत सरोवर, समग्र शिक्षा अभियान, पीएम पोषण योजना, उज्ज्वला योजना 3.0, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, सांसद निधि, मेडिकल कॉलेज, प्रस्तावित एम्स किच्छा, जिला अस्पताल, किच्छा बस अड्डा, पंतनगर एयरपोर्ट, आकांक्षी जनपद एवं ब्लॉक कार्यक्रम सहित अनेक योजनाओं की विभागवार समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर क्षेत्र का संतुलित और समग्र विकास है। इसके लिए सभी विभागों को पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य करना होगा।
डीएम ने दिए सख्त अनुपालन के निर्देश
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बैठक के अंत में सभी विभागीय अधिकारियों को सांसद द्वारा दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने और जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक शिव अरोरा, विधायक आदेश सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, एसपी सिटी डॉ. उत्तम सिंह नेगी, सीएमओ डॉ. के.के. अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण वर्मा, परियोजना निदेशक डीआरडीए हिमांशु जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेन्द्र मिश्रा, सिंचाई विभाग, एनएचएआई, वन विभाग सहित सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक का स्पष्ट संदेश
दिशा समिति की इस बैठक में सांसद अजय भट्ट ने साफ संकेत दिया कि केंद्र सरकार की योजनाओं में लापरवाही, विकास कार्यों में देरी, बजट के उपयोग में पारदर्शिता की कमी और जनता की शिकायतों की अनदेखी अब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। आने वाले समय में प्रत्येक विभाग के कार्यों की नियमित समीक्षा होगी और जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
