झूठे शपथ पत्र की शिकायत पर जांच के निर्देश, एडीएम ने एसडीएम किच्छा और जिला पंचायत राज अधिकारी से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट; पत्र सामने आते ही ऊधमसिंह नगर की राजनीति में मचा घमासान

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झूठे शपथ पत्र की शिकायत पर जांच के निर्देश, एडीएम ने एसडीएम किच्छा और जिला पंचायत राज अधिकारी से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट; पत्र सामने आते ही ऊधमसिंह नगर की राजनीति में मचा घमासान
रुद्रपुर -जिला पंचायत सदस्य वार्ड संख्या-17 भंगा से निर्वाचित श्रीमती रेनू गंगवार के खिलाफ कथित रूप से झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत कर चुनाव जीतने की शिकायत पर प्रशासन की ओर से जारी एक आधिकारिक पत्र ने ऊधमसिंह नगर की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की ओर से 4 जुलाई 2026 को जारी पत्र में शिकायत के विभिन्न बिंदुओं पर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र के अनुसार भदईपुरा निवासी राजेश सिंह द्वारा 27 जून 2026 को शिकायत दी गई थी, जिसमें श्रीमती रेनू गंगवार के विरुद्ध छह बिंदुओं पर आरोप लगाते हुए उनकी सदस्यता पर विधिक कार्रवाई की मांग की गई थी। शिकायत में सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे तथा निर्वाचन के दौरान गलत शपथ पत्र प्रस्तुत करने जैसे आरोप शामिल हैं।
एडीएम कार्यालय से जारी पत्र में शिकायत के बिंदु संख्या 2, 5 और 6 की जांच उप जिलाधिकारी किच्छा को तथा बिंदु संख्या 3 और 4, जो कथित रूप से गलत शपथ पत्र और सदस्यता से जुड़े हैं, उनकी जांच जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपते हुए नियमानुसार कार्रवाई कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी तथा शिकायतकर्ता को भी भेजी गई है।
हालांकि यह पत्र सामने आते ही मामला पूरी तरह सियासी रंग में रंग गया। श्रीमती रेनू गंगवार के पति एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुरेश गंगवार ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए तीखा पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और इसके पीछे पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, रिजवान मलिक तथा कुछ “तथाकथित गुंडे” सक्रिय हैं।
सुरेश गंगवार ने दावा किया कि उनके परिवार की छवि धूमिल करने के लिए लगातार शिकायतें कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें और उनके परिवार को जान-माल का खतरा है तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों से पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेने की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक ओर शिकायत के आधार पर प्रशासनिक स्तर पर जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहीं दूसरी ओर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं और आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरे प्रकरण की दिशा तय होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल प्रशासन ने केवल शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। वहीं, सुरेश गंगवार द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।