केलाखेड़ा पुलिस रेड विवाद से लेकर बाजपुर अतिक्रमण प्रकरण और रुद्रपुर के किसानों की शिकायत तक—सीओ विभव सैनी के कार्यकाल में सामने आए कई चर्चित मामले

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केलाखेड़ा पुलिस रेड विवाद से लेकर बाजपुर अतिक्रमण प्रकरण और रुद्रपुर के किसानों की शिकायत तक—सीओ विभव सैनी के कार्यकाल में सामने आए कई चर्चित मामले
ऊधमसिंह नगर। ऊधमसिंह नगर जनपद में क्षेत्राधिकारी (सीओ) विभव सैनी के विभिन्न कार्यकालों के दौरान बाजपुर, गदरपुर (केलाखेड़ा) और रुद्रपुर क्षेत्र में भूमि विवाद, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, पुलिस छापेमारी और किसानों से जुड़े कई मामले चर्चा का विषय बने। इन मामलों में अलग-अलग पक्षों की ओर से शिकायतें और आरोप लगाए गए, जबकि पुलिस और प्रशासन ने कई मामलों में अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखा तथा जहां आवश्यक समझा गया वहां विभागीय कार्रवाई भी की गई।
सबसे अधिक चर्चा गदरपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केलाखेड़ा के विधि का माजरा गांव में हुई पुलिस रेड को लेकर रही। जमीन विवाद के एक मामले में पुलिस टीम देर रात दबिश देने पहुंची थी। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया, मारपीट की और घर के सामान को नुकसान पहुंचाया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया और स्थानीय विधायक ने भी नाराजगी जताई। मामले की जांच के बाद विभागीय कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया तथा एक पुलिसकर्मी का स्थानांतरण किया गया। उस समय सीओ विभव सैनी ने कहा था कि नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले बाजपुर में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा एक स्थानीय व्यक्ति विमल भारती उर्फ गोल्डन निर्भीक के भवन के कथित अवैध हिस्से को हटाने की कार्रवाई भी विवादों में रही। संबंधित पक्ष ने पुलिस और प्रशासन पर जबरन मकान गिराने, मारपीट और अभद्रता के आरोप लगाए थे। पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि कार्रवाई नियमानुसार की गई थी तथा पीडब्ल्यूडी की महिला अधिकारी से अभद्रता के आरोप में संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार मेडिकल परीक्षण में पुलिस मारपीट की पुष्टि नहीं हुई थी। इसी अवधि में बाजपुर क्षेत्र में जनजातीय भूमि के नामांतरण और आपसी गुटीय विवादों के मामले भी सामने आए।
वहीं हाल के समय में रुद्रपुर क्षेत्र के लांबाखेड़ा गांव के किसानों ने भी क्षेत्राधिकारी विभव सैनी और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर शिकायत की कि एक उद्योगपति उनकी कृषि भूमि खरीदने के लिए कथित रूप से मानसिक दबाव बना रहा है। किसानों का आरोप था कि जमीन नहीं बेचने पर खेतों तक जाने वाले सरकारी रास्ते को बंद कराने की धमकी दी जा रही है। किसानों ने निष्पक्ष जांच, सुरक्षा और प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की है। इस मामले में जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है।
इन घटनाओं ने अलग-अलग समय पर ऊधमसिंह नगर में पुलिस कार्रवाई, भूमि विवाद और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सार्वजनिक चर्चा को जन्म दिया। हालांकि प्रत्येक मामले में संबंधित पक्षों के आरोप और पुलिस-प्रशासन का पक्ष अलग-अलग रहा है तथा कुछ मामलों में विभागीय कार्रवाई भी की गई। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होंगे।