रेंजर सहेन्द्र कुमार यादव के संघर्ष और कर्तव्यनिष्ठा की पूरी कहानी , सफलता की मिसाल: बी.टेक से लेकर पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज तक                                          

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सफलता की मिसाल: बी.टेक से लेकर पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज तक, रेंजर सहेन्द्र कुमार यादव के संघर्ष और कर्तव्यनिष्ठा की पूरी कहानी                                            पीलीभीत -उत्तर प्रदेश वन विभाग में अपनी बहादुरी और कुशल प्रशासनिक क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले सहेन्द्र कुमार यादव वर्तमान में उत्तर प्रदेश कैडर के एक जांबाज अधिकारी हैं। वह इस समय देश-विदेश में अपनी खास पहचान रखने वाले अंतरराष्ट्रीय ‘TX2 अवार्ड’ से सम्मानित पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) की सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण महोफ रेंज में रेंजर यानी रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (RFO) के मुख्य पद पर तैनात हैं। एक कुशल वन अधिकारी के रूप में बाघों के संरक्षण की अग्रिम पंक्ति में खड़े सहेन्द्र कुमार यादव के शैक्षणिक सफर से लेकर तराई के जंगलों में उनके इस गौरवमयी सेवाकाल तक की पूरी खबर बिना किसी ठहराव के बेहद दमदार और क्रमानुसार नीचे विस्तृत रूप में प्रस्तुत है।सहेन्द्र कुमार यादव ने अपने उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हुए अपनी उच्च तकनीकी शिक्षा जयपुर के प्रसिद्ध आर्य ग्रुप ऑफ कॉलेजेस से पूरी की थी जो राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (RTU कोटा) से संबद्ध है। कॉलेज के दिनों से ही वन्यजीवों और प्रशासनिक क्षेत्र में कुछ बड़ा करने का जज्बा रखने वाले सहेन्द्र कुमार यादव ने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर वर्ष 2014 में अपनी बी.टेक (B.Tech) की डिग्री सफलतापूर्वक पास की थी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद उन्होंने बिना समय गंवाए देश और राज्य की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक परीक्षाओं की तैयारी में खुद को झोंक दिया और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा को अपना मुख्य लक्ष्य बनाया।अपनी निरंतर मेहनत और सटीक रणनीति के दम पर उन्होंने वर्ष 2017 की UPPSC (प्रवर अधीनस्थ वन सेवा) परीक्षा में न केवल बड़ी सफलता हासिल की बल्कि पूरे प्रदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा जारी की गई आधिकारिक मेरिट सूची में सहेन्द्र कुमार यादव ने पूरे उत्तर प्रदेश में बेहद शानदार 11वीं रैंक (Rank 11) प्राप्त की थी। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद उन्हें आधिकारिक तौर पर उत्तर प्रदेश (UP) वन सेवा का मुख्य कैडर आवंटित किया गया जिसके बाद उन्होंने स्टेट फॉरेस्ट एकेडमी (राज्य वन अकादमी) के बेहद कड़े इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम और फील्ड प्रशिक्षण को पूरे अनुशासन के साथ सफलतापूर्वक पास किया।प्रशिक्षण के कड़े दौर से गुजरने के बाद विभाग ने उनकी बेहतरीन कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें वन्यजीव सुरक्षा के सबसे चुनौतीपूर्ण मोर्चे यानी पीलीभीत टाइगर रिजर्व की मुख्य महोफ रेंज की कमान सौंप दी। महोफ रेंज पूरे पीलीभीत टाइगर रिजर्व का वह सबसे मुख्य केंद्र बिंदु है जो न केवल भारी तादाद में बाघों की मौजूदगी के लिए जाना जाता है बल्कि इको-टूरिज्म के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील माना जाता है। वर्तमान समय में इस पूरी रेंज के रेंजर के रूप में सहेन्द्र कुमार यादव के कंधों पर घने तराई के जंगलों में बाघों और अन्य दुर्लभ वन्यजीवों के सुरक्षित संरक्षण, जंगलों में अवैध शिकार (एंटी-पोचिंग) पर पूरी तरह रोक लगाने और बेशकीमती वन संपदा को सुरक्षित रखने की बेहद बड़ी और गौरवमयी जिम्मेदारी है जिसे वह पूरी मुस्तैदी से निभा रहे हैं।