मनरेगा खत्म करने की साजिश, उत्तराखंड बना कॉरपोरेट-सांप्रदायिक प्रयोगशाला : दीपंकर भट्टाचार्य।

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मनरेगा खत्म करने की साजिश, उत्तराखंड बना कॉरपोरेट-सांप्रदायिक प्रयोगशाला : दीपंकर भट्टाचार्य


 

भाकपा(माले) की राज्य कमेटी बैठक में मोदी सरकार पर तीखा हमला, विधानसभा चुनाव में सक्रिय हस्तक्षेप का ऐलान

 

रुद्रपुर/देहरादून, 16 दिसंबर —

भाकपा(माले) के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा को समाप्त करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि “वी बी ग्राम जी” नाम से लाए जा रहे प्रस्तावित विधेयक के जरिए रोजगार गारंटी के संवैधानिक अधिकार को चुपचाप खत्म करने की कोशिश की जा रही है, जिसे पार्टी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी।

उत्तराखंड राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक को संबोधित करते हुए दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा शुरू से ही मनरेगा की विरोधी रही है और सत्ता में आते ही इसे कमजोर करने का सिलसिला शुरू कर दिया गया था। अब नए विधेयक के जरिए इसे पूरी तरह दफन करने की तैयारी है।

उन्होंने मांग की कि मनरेगा को खत्म करने के बजाय 200 दिन का रोजगार, न्यूनतम 600 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित की जाए, साथ ही शहरी गरीबों के लिए भी रोजगार गारंटी कानून लागू किया जाए।

 

🔴 उत्तराखंड के 25 साल — पलायन, विस्थापन और तबाही की कहानी

माले महासचिव ने कहा कि भाजपा ने उत्तराखंड को कॉरपोरेट लूट और सांप्रदायिकता की प्रयोगशाला में बदल दिया है। अलग राज्य आंदोलन के जिन सपनों के लिए जनता ने संघर्ष किया, उन्हें भाजपा ने कुचल दिया।

उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड की पहचान पलायन, विस्थापन, बंद होते स्कूल, रोजगार अवसरों की लूट, चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था, जंगली जानवरों का आतंक और आवारा पशुओं की मार बन चुकी है।

 

🔴 आंदोलन और पार्टी के नवीनीकरण की जरूरत

दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि इस जनविरोधी और कॉरपोरेटपरस्त दौर से उत्तराखंड को बाहर निकालने के लिए आंदोलन, संघर्ष और पार्टी के नवीनीकरण की जरूरत है।

 

🔴 विधानसभा चुनाव में सक्रिय दखल का फैसला

भाकपा(माले) की राज्य कमेटी बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा हुई और पार्टी ने तय किया कि वह चुनावों में मजबूती से हस्तक्षेप करेगी तथा वाम-जनवादी ताकतों की एकजुटता के लिए प्रयास करेगी।

 

🔴 राजा बहुगुणा की स्मृति में पुस्तक और सभागार

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वाम-जनवादी आंदोलन के प्रखर नेता कॉमरेड राजा बहुगुणा की स्मृति में पुस्तक का प्रकाशन किया जाएगा तथा पार्टी राज्य कार्यालय में राजा बहुगुणा स्मृति सभागार एवं पुस्तकालय का निर्माण किया जाएगा।

 

🔴 चार लेबर कोड्स के खिलाफ अभियान

भाकपा(माले) ने चार श्रम संहिताओं के खिलाफ संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के बीच सतत अभियान और आंदोलन चलाने का निर्णय लिया।

 

बैठक में पारित प्रस्ताव:

 

लद्दाख व हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरण संघर्षों से जुड़े सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई की मांग

 

बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई का विरोध

 

परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी पूंजीपतियों, खासकर अडानी जैसे समूहों को सौंपने का विरोध

 

उत्तराखंड में खत्तों, वन भूमि और शहरी इलाकों में बसे गरीबों पर बुलडोजर कार्रवाई का विरोध

 

वैकल्पिक व्यवस्था के बिना किसी भी विस्थापन पर रोक और वन ग्रामों व खत्तों में रहने वालों को जमीन का मालिकाना हक

 

 

बैठक में भाकपा(माले) पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड संजय शर्मा, राज्य सचिव इन्द्रेश मैखुरी सहित कैलाश पांडेय, के.के. बोरा, बहादुर सिंह जंगी, भुवन जोशी, विमला रौथाण, आनंद सिंह नेगी, कैलाश जोशी और ललित मटियाली मौजूद रहे।