

राज्य कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर आशा वर्कर्स होंगी संगठित, जून में होगा ब्लॉक सम्मेलन


बाजपुर, 28 मई। ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन/ऐक्टू बाजपुर ब्लॉक कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जून माह में ब्लॉक सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में संगठन को मजबूत करने और आशा वर्कर्स की लंबित मांगों को लेकर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन की जिला उपसचिव अनिता अन्ना ने कहा कि देशभर में महिला स्कीम वर्कर्स की मेहनत का लगातार शोषण किया जा रहा है। आशा वर्कर्स से स्वास्थ्य विभाग के लगभग सभी छोटे-बड़े कार्य कराए जाते हैं और उन्हें एक राज्य कर्मचारी से भी अधिक जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आज तक राज्य कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल पाया है।
यूनियन की राज्य उपाध्यक्ष रीता कश्यप ने कहा कि आशा वर्कर्स ने ऐक्टू के नेतृत्व में संगठित होकर अपने हक और अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन उनकी प्रमुख मांगें हैं तथा इन मांगों को हासिल करने के लिए मजबूत संगठन और एकजुट संघर्ष बेहद जरूरी है।
बैठक में राज्य उपाध्यक्ष रीता कश्यप, जिला उपाध्यक्ष बबीता कश्यप, जिला उपसचिव अनिता अन्ना, ब्लॉक अध्यक्ष अन्नू, ब्लॉक उपाध्यक्ष रेखा यादव, ब्लॉक कोषाध्यक्ष पूजा शर्मा, जसपुर ब्लॉक कोषाध्यक्ष रेखा, निशा शर्मा, रूपेंद्र कौर, गीता सैनी और रूपकिशोरी सहित कई आशा वर्कर्स मौजूद रहीं।
