

किच्छा नगर पालिका चुनाव: इंतजार की घड़ियां खत्म, कांग्रेस से राजेश प्रताप सिंह तो भाजपा से संदीप अरोड़ा ‘सोनू’ मैदान में, किच्छा में 52000 टू सिरौली में 11000 मतदाता करेंगे मतदान में प्रतिभाग


किच्छा। नगर पालिका परिषद किच्छा के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म हो गया है। कांग्रेस की ओर से राजेश प्रताप सिंह और भाजपा की ओर से संदीप अरोड़ा ‘सोनू’ के मैदान में उतरने के बाद किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव सीधे तौर पर कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबले में बदलता दिखाई दे रहा है। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों पर भरोसा जताते हुए नगर पालिका की सत्ता हासिल करने के लिए चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं।
किच्छा नगर पालिका परिषद में कुल 20 वार्ड हैं और करीब 52,240 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इतनी बड़ी मतदाता संख्या के चलते अध्यक्ष पद का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 22 सितंबर को होने वाले मतदान में किच्छा के मतदाता अध्यक्ष पद के साथ-साथ अपने-अपने वार्डों के सभासदों का भी चुनाव करेंगे। इसके बाद 24 सितंबर को होने वाली मतगणना से नगर पालिका की नई तस्वीर साफ होगी।
कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के लिए राजेश प्रताप सिंह को मैदान में उतारकर चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। प्रत्याशी के नाम की घोषणा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। पार्टी अब अपने संगठन और स्थानीय कार्यकर्ताओं को एकजुट करते हुए घर-घर संपर्क अभियान को गति देने की तैयारी में है। कांग्रेस के सामने अपने परंपरागत मतदाताओं को एकजुट रखने के साथ ही ऐसे मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने की चुनौती होगी जो चुनाव में प्रत्याशी की व्यक्तिगत छवि और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं।
दूसरी ओर भाजपा ने संदीप अरोड़ा ‘सोनू’ पर दांव लगाया है। भाजपा प्रत्याशी के मैदान में आने के बाद पार्टी संगठन भी चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने में जुट गया है। भाजपा अपने मजबूत संगठनात्मक नेटवर्क और कार्यकर्ताओं के जरिए प्रत्येक वार्ड में मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। संदीप अरोड़ा ‘सोनू’ के सामने भी 20 वार्डों में मजबूत जनसंपर्क कायम करने और अलग-अलग क्षेत्रों के स्थानीय समीकरणों को अपने पक्ष में करने की चुनौती रहेगी।
किच्छा नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद की जीत केवल पार्टी के वोट बैंक पर निर्भर नहीं रहने वाली है। वार्डवार राजनीतिक समीकरण, प्रत्याशी की व्यक्तिगत पकड़, स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और मतदाताओं के बीच प्रत्याशी की स्वीकार्यता चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारक होंगे। कई वार्डों में सभासद पद के चुनाव का समीकरण भी अध्यक्ष पद के परिणाम पर असर डाल सकता है।
किच्छा में स्थानीय स्तर पर सड़क, नाली, जल निकासी, सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे मतदाताओं के बीच चर्चा में रहते हैं। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों दलों के प्रत्याशी इन मुद्दों को अपने-अपने तरीके से उठाकर मतदाताओं का समर्थन हासिल करने का प्रयास कर सकते हैं। मतदाताओं की नजर इस बात पर भी रहेगी कि कौन प्रत्याशी नगर की समस्याओं के समाधान और विकास को लेकर बेहतर विजन उनके सामने रखता है।
किच्छा नगर पालिका के 20 वार्डों में होने वाले सभासद पद के चुनाव पर भी सभी की निगाहें रहेंगी। कई वार्डों में स्थानीय स्तर पर प्रत्याशियों की व्यक्तिगत पकड़ और सामाजिक समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के लिए भी वार्डवार समर्थन बेहद अहम होगा, क्योंकि 20 वार्डों से मिलने वाला वोट ही अंततः अध्यक्ष पद के परिणाम की दिशा तय करेगा।
किच्छा से अलग कर नवगठित सिरौली कलां नगर पालिका परिषद का चुनाव भी इसी चरण में कराया जा रहा है। सिरौली कलां में चार वार्ड और 11 हजार से अधिक मतदाता हैं। दोनों निकायों में एक साथ चुनाव होने के कारण पूरे क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हालांकि किच्छा में 52 हजार से अधिक मतदाताओं और 20 वार्डों के कारण अध्यक्ष पद का मुकाबला विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग के चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 22 सितंबर 2026 को मतदान होगा और 24 सितंबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस और भाजपा दोनों अपने प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार को तेज करेंगी। आने वाले दिनों में जनसंपर्क, बैठकों और वार्डवार रणनीति के जरिए दोनों दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश करेंगे।
अब किच्छा की सियासत में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 52 हजार से अधिक मतदाताओं का भरोसा आखिर किसे मिलेगा। क्या कांग्रेस के राजेश प्रताप सिंह नगर पालिका की सत्ता पर कब्जा करने में सफल होंगे या भाजपा के संदीप अरोड़ा ‘सोनू’ अपनी पार्टी का परचम लहराएंगे। फिलहाल मुकाबला पूरी तरह खुला है और दोनों प्रमुख दलों के सामने अपने-अपने प्रत्याशी को जीत दिलाने की बड़ी चुनौती है। 22 सितंबर को मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और 24 सितंबर को मतगणना के बाद यह तय हो जाएगा कि किच्छा नगर पालिका की कमान अगले कार्यकाल में राजेश प्रताप सिंह के हाथ होगी या संदीप अरोड़ा ‘सोनू’ के हाथ।

