जसपुर में आशा वर्कर्स यूनियन का ब्लॉक सम्मेलन, राज्य कर्मचारी दर्जे की मांग तेज

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जसपुर में आशा वर्कर्स यूनियन का ब्लॉक सम्मेलन, राज्य कर्मचारी दर्जे की मांग तेज


जसपुर (उधम सिंह नगर), 8 जून 2026। ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर यूनियन का ब्लॉक सम्मेलन हीरा गार्डन में आयोजित किया गया, जिसमें आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और श्रम शोषण पर रोक लगाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। सम्मेलन के दौरान ब्लॉक कमेटी का गठन भी किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन एक्टू के प्रदेश महामंत्री के. के. बोरा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था के जमीनी कार्य आशा वर्कर्स से करवा रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही न्यूनतम वेतन का अधिकार। उन्होंने आरोप लगाया कि नए श्रम कानूनों और लेबर कोड्स में श्रमिक हितों को कमजोर किया गया है, जिससे यूनियनबद्ध होने के अधिकार पर भी असर पड़ा है।

उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला सचिव रीता कश्यप ने कहा कि संगठन के संघर्षों के कारण आशा वर्कर्स की मांगों को लगातार सरकार के समक्ष उठाया गया है। उन्होंने कहा कि एकजुटता के बल पर ही राज्य कर्मचारी दर्जा और न्यूनतम वेतन जैसी मांगों को हासिल किया जा सकता है।

जिला उप सचिव अनीता अन्ना ने कहा कि आशा वर्कर्स पर कार्यभार लगातार बढ़ाया जा रहा है, जबकि उन्हें उचित मानदेय और सम्मान नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की खामियों का बोझ आशा कार्यकर्ताओं पर डाला जा रहा है, जिससे उनका शोषण बढ़ रहा है।

सम्मेलन में ब्लॉक कमेटी का गठन किया गया, जिसमें बबीता कश्यप को ब्लॉक अध्यक्ष, सतपाल को ब्लॉक सचिव, रेखा को कोषाध्यक्ष तथा सुषमा को संगठन मंत्री चुना गया। इसके अलावा गीता कलियावाला को महामंत्री बनाया गया तथा अन्य सदस्यों को भी विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं और संगठन को मजबूत करने तथा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।