दिल्ली में महिला पत्रकारों से कथित मारपीट प्रकरण पर रुद्रपुर के पत्रकारों में रोष। बैठक कर निंदा प्रस्ताव पारित किया।

दिल्ली में महिला पत्रकारों से कथित मारपीट प्रकरण पर रुद्रपुर के पत्रकारों में रोष।


बैठक कर निंदा प्रस्ताव पारित किया।

रुद्रपुर 6 सितम्बर 2026

दिल्ली में दो महिला पत्रकारों के साथ हुई कथित बर्बरता और मारपीट की घटना को लेकर पत्रकारों में लगातार रोष व्याप्त है।

इसी क्रम में रुद्रपुर में पत्रकारों ने मीटिंग कर दिल्ली में महिला पत्रकारों के साथ हुई कथित मारपीट की कड़ी निंदा की। वरिष्ठ पत्रकारों ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।

पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकार समाज और शासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करता है तथा जनहित से जुड़े सवालों को उठाना उसका पेशेवर दायित्व है।ऐसे में रिपोर्टिंग के दौरान किसी भी पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार, अभद्रता या मारपीट की घटना बेहद चिंताजनक है और इसे किसी भी परिस्थिति में सामान्य नहीं माना जा सकता।

वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली में महिला पत्रकारों के साथ हुई घटना ने देशभर के पत्रकारों को चिंतित किया है।विशेष रूप से महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर पत्रकार समुदाय में गंभीर आक्रोश है। पत्रकारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर दोष साबित होता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार और पुलिस दोनों लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग हैं और दोनों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कानून एवं मर्यादा के दायरे में रहकर करना चाहिए। पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की ज्यादती होने पर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय होना जरूरी है, ताकि पत्रकारों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बना रहे और स्वतंत्र पत्रकारिता प्रभावित न हो।

विचार गोष्ठी के दौरान पत्रकारों ने सामूहिक रूप से दिल्ली पुलिस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।

इसके साथ ही निर्णय लिया गया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच,दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की जाएगी।

पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति विशेष के पक्ष अथवा विपक्ष में नहीं, बल्कि पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के अधिकार के समर्थन में है।

रुद्रपुर के पत्रकारों ने कहा कि देश में पत्रकारों को बिना भय और दबाव के अपना काम करने का वातावरण मिलना चाहिए। जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाना और सच को सामने लाना पत्रकारिता की मूल भावना है।

यदि पत्रकारों को अपने कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान असुरक्षा का सामना करना पड़ेगा तो इसका सीधा असर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ेगा। गोष्ठी में मौजूद पत्रकारों ने एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर वे आगे भी सामूहिक रूप से आवाज उठाते रहेंगे।

बैठक में वरिष्ठ पत्रकार रमेश चंद्रा,दुर्गेश तिवारी,मुमत्याज अहमद,शाहिद खान,निजामुद्दीन शेख,संदीप पांडे,महेंद्र पाल मौर्या,भानु चुघ,तापस विश्वास,आशीष छाबड़ा,अंकित गंगवार,अमनदीप कौर सामाजिक कार्यकर्ता और गुरविंदर गिल उपस्थित थे।

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