

रुद्रपुर ESIC अस्पताल में बवाल: 23 संविदा नर्सों को सेवा समाप्ति नोटिस, कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप


रुद्रपुर स्थित ESIC Hospital Rudrapur एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। अस्पताल में कार्यरत 23 संविदा नर्सों को अचानक सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किए जाने के बाद कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। प्रभावित नर्सों ने अस्पताल प्रबंधन और ठेकेदार पर मानसिक उत्पीड़न, अनियमितताओं और दबाव की राजनीति जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
नोटिस मिलने के बाद नर्सों ने पूर्व विधायक Rajkumar Thukral से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। सूचना पर अस्पताल पहुंचे ठुकराल ने कर्मचारियों की शिकायतें सुनीं और अस्पताल अधिकारियों से भी बातचीत की।
नर्सों का आरोप है कि अस्पताल में लंबे समय से कई तरह की अनियमितताएं चल रही हैं। उनका कहना है कि कर्मचारियों पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जाता है और नौकरी बचाने के लिए उन्हें कई बार प्रतिकूल परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों, विशेष रूप से रात्रिकालीन रिकॉर्डिंग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई है।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए बनाए गए इस अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का अभाव दिखाई देता है। उनके अनुसार एक्स-रे मशीन, विशेषज्ञ चिकित्सकों और महिला डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे श्रमिक वर्ग को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कर्मचारियों ने सुविधा शुल्क मांगे जाने जैसे आरोप भी लगाए हैं। ठुकराल ने कहा कि यदि ये आरोप सही हैं तो इसकी गहन जांच होनी चाहिए कि कथित रूप से लिया जाने वाला पैसा आखिर कहां जा रहा है। उन्होंने बताया कि 15 से 16 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करने वाली नर्सें अस्पताल की सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
कर्मचारियों ने सेवा समाप्ति नोटिस वापस लेने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं पूर्व विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारियों के समर्थन में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन 23 नर्सों को जारी नोटिस और कर्मचारियों के आरोपों ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है।
