रमज़ान की तैयारियों को लेकर मुस्लिम समाज सक्रिय, प्रशासन से 24 घंटे बिजली, सफाई, सुरक्षा और सहरी व्यवस्था की मांग।

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रमज़ान की तैयारियों को लेकर मुस्लिम समाज सक्रिय, प्रशासन से 24 घंटे बिजली, सफाई, सुरक्षा और सहरी व्यवस्था की मांग।


रुद्रपुर। पवित्र रमज़ान माह के मद्देनज़र वक्फ संख्या 107, सुन्नी जामा मस्जिद सीर गोठिया, रुद्रपुर की ओर से जिलाधिकारी, ऊधम सिंह नगर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि रमज़ान माह 19 फरवरी 2026 से प्रारंभ हो चुका है और इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग रोज़ा रखते हुए विशेष इबादत करते हैं, जिससे नगर क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं।

मस्जिद प्रबंधन समिति और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि रोज़ेदार प्रातः लगभग 3 बजे सहरी करते हैं तथा शाम करीब 7 बजे इफ्तार के समय रोज़ा खोलते हैं। इसके अलावा रात में तरावीह की नमाज़ और अन्य इबादतों के चलते मस्जिदों में देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में विद्युत, साफ-सफाई, सुरक्षा और यातायात जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं का सुचारु रहना अत्यंत आवश्यक है।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी रमज़ान माह के दौरान 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से सहरी, इफ्तार और तरावीह के समय बिजली कटौती पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए ताकि रोज़ेदारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही सहरी और इफ्तार के समय नगर क्षेत्र में सायरन या लाउडस्पीकर के माध्यम से समय की सूचना प्रसारित करने की व्यवस्था करने का अनुरोध भी किया गया है।

इसके अतिरिक्त मुस्लिम बहुल बस्तियों, मस्जिदों और आसपास के इलाकों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने, नालियों की नियमित सफाई तथा कूड़ा उठान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि रमज़ान माह में लोगों की आवाजाही और भीड़ बढ़ने से स्वच्छता व्यवस्था का विशेष महत्व हो जाता है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन से विशेष कदम उठाने का आग्रह किया गया है। विशेषकर जुमे (शुक्रवार) के दिन नमाज़ियों की संख्या अधिक होने के कारण अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और भीड़ प्रबंधन के उचित इंतज़ाम करने की मांग रखी गई है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का अनुरोध किया गया है कि वे सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखें और अनावश्यक चालान या दंडात्मक कार्रवाई से बचें।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जुमे की नमाज़ के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए मात्र 15 मिनट के लिए सर्विस रोड पर नमाज़ अदा करने की अनुमति प्रदान की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो और यातायात भी व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।

रोज़ेदारों, विशेषकर गरीब मजदूर वर्ग की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जामा मस्जिद के आसपास स्थित होटलों और ढाबों को सहरी के समय प्रातः 3 बजे से 5 बजे तक खोलने की अनुमति देने की भी मांग की गई है, ताकि उन्हें समय पर भोजन उपलब्ध हो सके।

सुन्नी जामा मस्जिद के इमाम मुफ़्ती दानिश मिस्बाही और मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि रमज़ान माह की पवित्रता, धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए सभी मांगों पर सकारात्मक और संवेदनशील निर्णय लिया जाएगा।