

खटीमा में सियासी संग्राम तेज: अजय मौर्य का कापड़ी पर करारा वार—“25 करोड़ की विधायक निधि का हिसाब दें, जनता को भाषण नहीं विकास चाहिए | खटीमा।
खटीमा की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी ने जोर पकड़ लिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अजय मौर्य ने क्षेत्रीय विधायक भुवन चंद्र कापड़ी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उनके चुनावी वादों, विधायक निधि के इस्तेमाल और क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मौर्य ने कहा कि जनता ने विधायक को पांच वर्ष काम करने का अवसर दिया, लेकिन अब समय आ गया है कि वे अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखें।
मौर्य ने सबसे बड़ा सवाल गौशाला के मुद्दे को लेकर उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान विधायक कापड़ी ने छह माह के भीतर गौशाला निर्माण का भरोसा जनता को दिलाया था, लेकिन करीब पांच वर्ष बीतने के बावजूद यह वादा पूरा नहीं हुआ। मौर्य ने कहा कि किसानों और क्षेत्रवासियों को आवारा पशुओं की समस्या से राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से आठ एकड़ भूमि पर करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से दो हजार से अधिक पशुओं की क्षमता वाली गौशाला का निर्माण कराया गया है, जिसका लोकार्पण जल्द मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।
भाजपा नेता अजय मौर्य ने विधायक कापड़ी को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि यदि प्रतिवर्ष करीब पांच करोड़ रुपये विधायक निधि के रूप में उपलब्ध होते हैं, तो पांच वर्षों में लगभग 25 करोड़ रुपये की निधि से खटीमा की जनता के हित में कौन-कौन से बड़े विकास कार्य कराए गए, इसका हिसाब भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता अब यह जानना चाहती है कि विधायक निधि का पैसा किन कार्यों पर खर्च हुआ और उन कार्यों का वास्तविक लाभ कितने लोगों तक पहुंचा।
मौर्य ने आरोप लगाया कि विधायक कापड़ी विकास की राजनीति करने के बजाय भाजपा सरकार द्वारा कराए जा रहे कार्यों में कमियां निकालने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके साथ अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का भी हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने गौशाला के मुद्दे पर हुए प्रदर्शन को भी राजनीतिक स्टंट करार देते हुए कहा कि जनता अब केवल नारों और प्रदर्शनों से प्रभावित होने वाली नहीं है।
अजय मौर्य ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खटीमा में हुए विकास कार्यों को गिनाते हुए कहा कि सीएसडी कैंटीन, 100 बेड का अस्पताल, एकलव्य विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, पीलीभीत रोड, खेल स्टेडियम, खटीमा बाईपास, आधुनिक रोडवेज बस स्टेशन, नगर सौंदर्यीकरण, राजकीय पॉलिटेक्निक, जनजाति छात्रावास और ऑक्सीजन पार्क जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली है। इसके अलावा सामाजिक और धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के कार्य भी कराए गए हैं।
मौर्य ने कहा कि खटीमा की जनता अब विकास को अपनी आंखों से देख रही है और राजनीतिक दावों का मूल्यांकन जमीन पर दिखाई देने वाले कामों के आधार पर कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष जनता को मुद्दों के नाम पर गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब जनता सवाल पूछ रही है और जवाब भी चाहती है।
खटीमा की राजनीति में अजय मौर्य के इस बयान को सीधे तौर पर विधायक भुवन चंद्र कापड़ी के खिलाफ बड़ा राजनीतिक प्रहार माना जा रहा है। बयान ने आने वाले दिनों में क्षेत्र की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप को और हवा दे दी है। अब निगाहें विधायक कापड़ी के जवाब पर टिकी हैं कि वे 25 करोड़ रुपये की विधायक निधि और अपने कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों का कौन-सा रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखते हैं।
खटीमा की सियासी जमीन पर अब सवाल सिर्फ गौशाला का नहीं रह गया है, बल्कि वादों, विकास और विधायक निधि के हिसाब का भी बन गया है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से इस मुद्दे पर राजनीतिक हमले और तेज होने के संकेत हैं।


