जनहित के मुद्दों पर गरजा किसान एकता संघ, जिला अधिकारी की अनुपस्थिति में सौंपा ज्ञापन ।   शिवनगर जगतपुरा को जोड़ने वाले पुल का जल्दी  निर्माण की मांग।             

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जनहित के मुद्दों पर गरजा किसान एकता संघ, जिला अधिकारी की अनुपस्थिति में सौंपा ज्ञापन ।   शिवनगर जगतपुरा को जोड़ने वाले पुल का जल्दी  निर्माण की मांग।                               रुद्रपुरकिसान एकता संघ उत्तराखंड ने आज जनहित की समस्याओं को लेकर एकजुट होकर जिला अधिकारी कार्यालय का रुख किया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बलदेव राज छाबड़ा के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचा, जहां जिला अधिकारी महोदय की अनुपस्थिति के कारण उनका ज्ञापन स्टेनो आनंद विश्वकर्मा को सौंपा गया। संगठन ने अपनी बात रखते हुए साफ किया कि लंबे समय से क्षेत्र की जनता बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों के पूरे न होने के कारण परेशान है, लेकिन शासन-प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।इस मौके पर किसान एकता संघ के युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अमित गुर्जर अपने पूरे जोश में नजर आए। उन्होंने अपने साथियों के साथ जोरदार तरीके से समस्याओं को उठाया और बताया कि जनता बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, पानी और बिजली की किल्लत से परेशान है। यही नहीं, अधूरे विकास कार्य और लगातार विलंबित हो रहे निर्माण कार्य आज भी क्षेत्र की सबसे बड़ी चिंता बने हुए हैं। ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया कि यदि जल्द ही जनता की परेशानियों का समाधान नहीं किया गया तो संगठन सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगा।कार्यालय पर इस मौके पर किसान एकता संघ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष बलदेव राज छाबड़ा के साथ प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारी दिनेश कालरा, युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अमित गुर्जर, जिला सचिव जितेंद्र गुर्जर, जिला उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र, कार्यकारिणी सदस्य राजकुमार गुर्जर और मुनीसर, साथ ही राजेश शर्मा और असनील गुर्जर सहित बड़ी संख्या में साथी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि जनता से जुड़ी समस्याएं अब और नज़रअंदाज़ नहीं की जा सकतीं।संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि जिन निर्माण कार्यों की मांग वर्षों से हो रही है, उनमें अब तक ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी। सड़कें बदहाल हैं, पानी की आपूर्ति अधूरी है और सरकारी विभाग कागजी कार्यवाही में ही उलझे पड़े हैं। यही कारण है कि जनता दिन-प्रतिदिन गुस्से में है और किसान एकता संघ उस गुस्से की आवाज को प्रशासन तक पहुंचा रहा है।ज्ञापन सौंपने के दौरान पदाधिकारियों ने प्रशासन से यह भी सवाल पूछा कि आखिर यह निर्माण कार्य कब तक पूरे होंगे? समस्याएं कब तक जारी रहेंगी और जनता कब तक परेशानियों का बोझ उठाती रहेगी? संगठन ने प्रशासन को समयसीमा तय करने की मांग की और जनता को भरोसा दिलाया कि किसान एकता संघ उनकी हक की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगा।इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि किसान एकता संघ अब जनसमस्याओं को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। अगर प्रशासन ने जल्द ही कार्रवाई नहीं की तो यह मुद्दा सड़क से लेकर सदन तक गर्माया जाएगा।