

जीवन कुंडू हत्याकांड पर हांसी में उबाल: आरोपी की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार से इनकार, किसानों पर लाठीचार्ज से भड़का गुस्सा
हिसार/हांसी, 16 अगस्त। हरियाणा के हिसार जिले में डेयरी संचालक जीवन कुंडू की हत्या का मामला अब तूल पकड़ चुका है। 4 अगस्त को लाठी-डंडों से किए गए कथित हमले में गंभीर रूप से घायल जीवन कुंडू की उपचार के दौरान मौत के बाद से क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। परिजन और ग्रामीण मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं और इसी वजह से अब तक जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। न्याय की मांग को लेकर किसानों और खाप पंचायतों के आंदोलन के बीच 15 अगस्त को हांसी में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी और संयुक्त किसान मोर्चा ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है कि पूरे विवाद की शुरुआत करीब डेढ़ महीने पहले गोबर डालने को लेकर हुई थी। सूर्य नगर गली नंबर-5 निवासी जीवन कुंडू का अपने पड़ोसी रमेश के साथ रेलवे लाइन के पास गोबर डालने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी पुराने विवाद ने 4 अगस्त की सुबह हिंसक रूप ले लिया। जब जीवन कुंडू बाइक-ट्रॉली लेकर गोबर डालने जा रहे थे, तभी रमेश और उसके साथ आए करीब 10 से 12 युवकों ने उन्हें कथित तौर पर घेर लिया।
परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक इसके बाद जीवन कुंडू पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया और पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।
मौत से पहले का कथित वीडियो बना अहम कड़ी
हत्याकांड के बीच जीवन कुंडू का एक कथित वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में वह अपने साथ हुई मारपीट के लिए पड़ोसी रमेश और अन्य युवकों के नाम लेते हुए दिखाई देते हैं तथा अपनी टांग तोड़े जाने की बात कहते नजर आते हैं। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उसमें लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच का विषय है।
जीवन कुंडू की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि पहले आरोपी की गिरफ्तारी हो, परिवार को न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, इसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। कई दिन बीत जाने के बावजूद अंतिम संस्कार नहीं होने से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
किसानों और खाप पंचायतों ने संभाला मोर्चा
मामले को लेकर किसानों और खाप पंचायतों ने भी आंदोलन तेज कर दिया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी है। इसके अलावा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, रोजगार और न्याय दिलाने की मांग भी उठाई जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त तेज नहीं रही और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण परिवार तथा ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता गया। इसी मुद्दे को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर हांसी में बवाल, पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप
15 अगस्त को हांसी में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। संयुक्त किसान मोर्चा के अनुसार किसानों और ग्रामीणों के प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। SKM का दावा है कि प्रदर्शन में महिलाएं और बुजुर्ग किसान भी शामिल थे तथा पुलिस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए।
SKM ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। संगठन ने जिला पुलिस अधीक्षक समेत कार्रवाई में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री से माफी की मांग
संयुक्त किसान मोर्चा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से कथित पुलिस लाठीचार्ज के लिए माफी मांगने की मांग की है। SKM का आरोप है कि सरकार जीवन कुंडू हत्याकांड के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कराने में विफल रही, जिसके चलते ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
संगठन ने मुख्य आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को न्याय और मुआवजा देने तथा कथित पुलिस ज्यादती के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। SKM ने न्यायिक हिरासत में बंद किसान नेताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग भी उठाई है।
शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की अपील
SKM ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी गैर-कानूनी या अनुचित मांग से दूर रहें और अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण लेकिन व्यापक आंदोलन जारी रखें। संगठन का कहना है कि जीवन कुंडू के परिवार को न्याय मिलने और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी तक संघर्ष जारी रहेगा।
फिलहाल जीवन कुंडू हत्याकांड ने हिसार और हांसी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था तथा प्रशासन की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर परिजन और ग्रामीण आरोपी की गिरफ्तारी के बिना अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों और खाप पंचायतों के आंदोलन से प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर क्या कार्रवाई करती है और सरकार आंदोलनरत किसानों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।
नोट: इस खबर में हत्या, हमले, पुलिस कार्रवाई और आरोपों से संबंधित बातें परिजनों, ग्रामीणों तथा संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर दी गई हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया से होगी।


