अमेजन वेयरहाउस अग्निकांड: न्यायिक जांच और मुआवजे की मांग तेज

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अमेजन वेयरहाउस अग्निकांड: न्यायिक जांच और मुआवजे की मांग तेज


हल्द्वानी में 5 जून की रात हुए अमेजन ई-कॉमर्स वेयरहाउस अग्निकांड में दो युवा श्रमिकों की मौत के बाद विभिन्न संगठनों के संयुक्त जांच दल ने घटना स्थल और पीड़ित परिवारों का दौरा कर गंभीर सुरक्षा खामियों का आरोप लगाया है।

जांच दल के अनुसार, एमएनएम लॉजिस्टिक्स द्वारा संचालित अमेजन वेयरहाउस में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। दल का दावा है कि गोदाम में फायर एग्जिट, फायर अलार्म, धुआं निकासी की पर्याप्त व्यवस्था और अग्निशमन विभाग की एनओसी जैसी आवश्यक सुविधाएं मौजूद नहीं थीं। आरोप है कि सुरक्षा इंतजामों के अभाव और कथित लापरवाही के कारण दो श्रमिकों—नरेंद्र आर्य (नीरज) और अमित—की जान चली गई।

संयुक्त जांच दल ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और उनकी हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। दल ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा जिले में संचालित अन्य गोदामों की अग्नि एवं सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल जांच कराने की मांग उठाई।

जांच दल ने राज्य सरकार से मृतक श्रमिकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को नियमित सरकारी नौकरी प्रदान करने की भी मांग की है।

जांच दल में भाकपा (माले) के जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय, ऐक्टू के ललित मटियाली, अमेजन इंडिया वर्कर्स यूनियन के नीतेश, हॉकर जॉइंट एक्शन कमिटी के योगेश सैनी, किसान नेता जगतार सिंह बाजवा, ग्रामीण ई-रिक्शा कल्याण समिति के खेमकरण सैनी, यूकेडी के भुवन बिष्ट, किसान नेता राजकिशोर तथा शेर सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे।

हालांकि, जांच दल के ये आरोप हैं और मामले की आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।