

शैल सांस्कृतिक समिति के कार्यक्रम में समाजसेवा और स्वास्थ्य का संगम



निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों लाभार्थी, डॉ. किशोर चंदोला का भव्य सम्मान
रुद्रपुर।
शैल सांस्कृतिक समिति द्वारा आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में समाजसेवा और स्वास्थ्य सेवा का प्रेरणादायक समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम के अंतर्गत चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के सौजन्य से वसुंधरा नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज, रुद्रपुर द्वारा एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया और निःशुल्क दवाइयों का लाभ उठाया।
इस स्वास्थ्य शिविर का संचालन एम.डी. डॉ. किशोर चंदोला के नेतृत्व में किया गया। शिविर में विभिन्न चिकित्सा विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति रही, जिन्होंने अपने-अपने विभागों की जानकारी देते हुए मरीजों का परीक्षण किया और आवश्यक परामर्श प्रदान किया।
शिविर में डॉ. के.सी. चंदोला के साथ डॉ. अजय विश्वकर्मा, श्री सागर तिवारी, डॉ. दुर्गेश पाल, डॉ. रश्मी नेगी, डॉ. मनीषा बैरागी, डॉ. आलिया सिद्दीकी, श्री नरेंद्र कोहली, डॉ. बेबी जोशी, डॉ. नितेश सागर, डॉ. सैयद हमजा, डॉ. सलोनी आर्या, डॉ. दीक्षा, डॉ. संगीता, डॉ. समन शाहिद, डॉ. उर्वी, मिस शिफा फातिमा, मिस दिव्या, श्री नंदू, श्री अजय मेहरा, मिस आयशा सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान शैल सांस्कृतिक समिति द्वारा डॉ. किशोर चंदोला के समाज के प्रति उल्लेखनीय योगदान को स्मरण करते हुए उनका बुके भेंट कर एवं पारंपरिक पहाड़ी टोपी पहनाकर भव्य स्वागत व सम्मान किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे सतत और सराहनीय कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लकी खरबंदा, विधायक शिव अरोड़ा, राज्य मंत्री उत्तम दत्ता, डॉ. किशोर चंदोला, डी.एस. बिष्ट, कमलेंद्र सेमवाल, सुरेश परिहार, भरत लाल शाह एवं गोपाल सिंह पटवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन हेमंत बिष्ट द्वारा किया गया, जबकि अध्यक्षता गोपाल सिंह पटवाल ने की। समिति के महासचिव एडवोकेट दिवाकर पांडे, उपाध्यक्ष सतीश ध्यानी एवं मोहन उपाध्याय तथा कोषाध्यक्ष डी.के. दनाई की सक्रिय भूमिका रही।
कार्यक्रम में पी.सी. शर्मा, राजेंद्र बोहरा, दिनेश बम, भास्कर जोशी, जगदीश बिष्ट, दिनेश भट्ट, दान सिंह मेहरा, मुकुल उप्रेती, डॉ. एल.एम. उप्रेती, सतीश लोहनी, अवतार सिंह बिष्ट, डॉ. नंदाबल्लभ पाठक, लीलाम्बर जोशी, विजय भूषण गर्ग, पूरन चंद्र जोशी, संजीव बुधौरी, हरीश दनाई, नरेंद्र रावत, सी.बी. घिंडियाल, एल.डी. जोशी, राजेंद्र बलौदी, प्रकाश जोशी, महेश कांडपाल, डी.एस. मेहरा, त्रिभुवन जोशी, हरीश मिश्रा, के.के. मिश्रा, दयाकिसन बुढ़लाकोटी, त्रिलोचन पनेरू, डी.डी. गुणवन्त, धीरज पांडे, भारत जोशी सहित अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
महिला सहभागिता ने भी कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। तनुजा बुधौरी, विनीता पांडे, सुधा पटवाल, लीला दनाई, नीलम कांडपाल, भावना मेहरा, मंजू दनाई, सुनीता पांडे, तारा जोशी, शोभा मिश्रा, प्रभा मेहरा, शालिनी बोहरा, सरिता उपाध्याय, हेमा पंत, कुमकुम उपाध्याय, रेखा, पूजा, भारती जोशी, भगवती, आशा लोहनी, भगवती मेहरा, बीना लखेड़ा, सुधा जोशी एवं चंद्रा बम ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
समापन पर वक्ताओं ने कहा कि जब संस्कृति, स्वास्थ्य और समाजसेवा एक मंच पर एकत्र होती हैं, तो उसका प्रभाव समाज पर दूरगामी और सकारात्मक पड़ता है। शैल सांस्कृतिक समिति का यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बना, बल्कि जनस्वास्थ्य के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर गया।
