

शादी की तैयारियों के बीच खूनी बवाल: गाड़ी हटाने की बात पर हमला, अफजल की मौत के बाद दो आरोपी गिरफ्तार


काशीपुर। महुआखेड़ागंज क्षेत्र में घर के बाहर गाड़ी खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। पोती की शादी की तैयारियों में जुटे परिवार पर हुए हमले में गंभीर रूप से घायल अफजल की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस को दी गई तहरीर में महुआखेड़ागंज निवासी अनीश पुत्र कासम अली ने बताया कि 30 मई की रात करीब 11 बजे उनके घर में पोती की शादी की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान अली अकबर पुत्र सुबराती और अहमद रजा पुत्र साबिर हुसैन अपनी स्कॉर्पियो कार घर के सामने खड़ी कर चले गए। अनीश ने उनसे वाहन को दूसरी जगह खड़ा करने का अनुरोध किया, क्योंकि वहां शादी का सामान रखा जाना था।
आरोप है कि इस बात से नाराज होकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद विपक्षी अपने अन्य परिजनों के साथ लाठी-डंडों और लोहे की रॉड लेकर मौके पर पहुंचे और अनीश तथा उनके परिजनों पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान अफजल पुत्र महबूब अली के सिर पर लोहे की रॉड से गंभीर वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 31 मई को उनकी मौत हो गई। घटना में परिवार के अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर कोतवाली आईटीआई में मुकदमा संख्या 150/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह राठौर ने स्वयं संभाली और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस ने 2 जून को कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी अली अकबर पुत्र सुबराती और नाजिम पुत्र सुबराती निवासी महुआखेड़ागंज को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह राठौर, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरविंद बहुगुणा, उपनिरीक्षक जसविंदर सिंह, सुनील कुमार, पुष्कर भट्ट, कांस्टेबल धर्मेन्द्र भारती, सुरेन्द्र काम्बोज, जगदीश दुग्ताल और नरेश चौहान शामिल रहे।
