रुद्रपुर में बीजेपी मंडल अध्यक्ष पर बिजली चोरी का मुकदमा, ऊर्जा निगम के छापे में पकड़ी गई अवैध आपूर्ति।

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रुद्रपुर में बीजेपी मंडल अध्यक्ष पर बिजली चोरी का मुकदमा, ऊर्जा निगम के छापे में पकड़ी गई अवैध आपूर्ति


रुद्रपुर। भाजपा मंडल अध्यक्ष के कार्यालय भवन में बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद ट्रांजिट कैंप थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। उपखंड अधिकारी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद भाजपा संगठन के भीतर अंदरखाने सियासत गरमा गई है। बताया जा रहा है कि संबंधित मंडल अध्यक्ष स्थानीय विधायक के करीबी माने जाते हैं, ऐसे में यह मामला केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित न रहकर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

उपखंड अधिकारी विद्युत अन्नू अरोरा ने थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया कि 30 जनवरी को उन्होंने विभागीय और विजिलेंस टीम के साथ ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ सघन अभियान चलाया था। इसी दौरान ट्रांजिट कैंप क्षेत्र स्थित एक कार्यालय परिसर में बिजली चोरी पकड़ी गई। मौके से चोरी में इस्तेमाल लगभग 10 मीटर अवैध केबल भी जब्त की गई। एफआईआर में दर्ज मोबाइल नंबर भाजपा मंडल अध्यक्ष से संबंधित बताया जा रहा है। संबंधित मंडल अध्यक्ष दूसरी बार भाजपा के सरदार पटेल मंडल के अध्यक्ष हैं और पूर्व में नामित पार्षद भी रह चुके हैं। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि पार्टी इस प्रकरण में क्या रुख अपनाती है।

इसी क्रम में वादी उपखंड अधिकारी अन्नू अरोरा की शिकायत पर विद्युत वितरण खंड रुद्रपुर की टीम ने 30 जनवरी 2026 को ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई का नेतृत्व स्वयं एसडीओ अन्नू अरोरा ने किया। उनके साथ अवर अभियंता पारूल कुमार, सहायक अभियंता सतर्कता पुनीत कुमार, लाइन कर्मी खेमपाल राजपूत और गणेश विश्वास टीम में शामिल रहे। विभागीय अनुबंध वाहन से टीम मौके पर पहुंची और संबंधित परिसर की विधिवत जांच की गई।

जांच के दौरान यह पाया गया कि विद्युत आपूर्ति के साथ छेड़छाड़ कर अवैध रूप से बिजली का उपयोग किया जा रहा था। अपराह्न 2 बजकर 36 मिनट पर की गई कार्रवाई में लगभग 10 मीटर अवैध केबिल बरामद की गई, जिसके माध्यम से करीब 0.899 किलोवाट विद्युत भार का अनधिकृत उपयोग किया जा रहा था। लाइन कर्मियों ने तत्काल अवैध केबिल उतरवाकर उसे कब्जे में लिया और मौके पर ही विद्युत चेकिंग रिपोर्ट तैयार कर फर्द बनाई गई।

बरामद केबिल को कपड़े में सुरक्षित रखकर सील किया गया तथा नमूना मोहर लेकर पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया। फर्द को मौके पर मौजूद कर्मचारियों और गवाहों को पढ़कर सुनाया गया और उनकी गवाही दर्ज कराई गई। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कृत्य विद्युत अधिनियम की धारा 135 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।

बरामद अवैध केबिल और नमूना मोहर को अवर अभियंता कार्यालय स्थित 33 केवी उपसंस्थान में जमा कराया जाएगा। वादी उपखंड अधिकारी अन्नू अरोरा की ओर से संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विद्युत अधिनियम की धारा 135 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई के दौरान सभी दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी की गईं और फर्द की नकल सीसीटीएनएस प्रणाली के माध्यम से टाइप कर मूल एफआईआर के साथ संलग्न की गई है।

ऊर्जा निगम ने दो टूक कहा है कि बिजली चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी इसी तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे और दोषियों के खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।