RTI से खुला मंडी परिषद में भ्रष्टाचार का मामला, भाकपा (माले) ने हाईकोर्ट निगरानी में जांच और अध्यक्ष को हटाने की मांग की।

खबरें शेयर करें -

RTI से खुला मंडी परिषद में भ्रष्टाचार का मामला, भाकपा (माले) ने हाईकोर्ट निगरानी में जांच और अध्यक्ष को हटाने की मांग की


हल्द्वानी।

भाकपा (माले) नैनीताल जिला कमेटी ने उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड (मंडी परिषद) के अध्यक्ष एवं दायित्वधारी अनिल कपूर डब्बू पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच माननीय उच्च न्यायालय की निगरानी में कराए जाने और अनिल कपूर डब्बू को तत्काल पद से हटाए जाने की मांग की है।

भाकपा (माले) नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि हल्द्वानी मंडी के फल-गल्ला व्यापारी लंबे समय से मंडी परिषद अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू के तानाशाही रवैये, भ्रष्ट आचरण और अभद्र व्यवहार से त्रस्त हैं। व्यापारियों ने उनके खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है, जिसका भाकपा (माले) पूर्ण समर्थन करती है।

डॉ. पाण्डेय ने कहा कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सामने आए तथ्यों ने मंडी परिषद में हो रहे भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर उजागर कर दी है। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंडी परिषद अध्यक्ष के सरकारी वाहन में ईंधन खर्च को लेकर भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। आंकड़ों के मुताबिक एक ही दिन में 26 हजार रुपये तक का डीजल भराया गया, जबकि बीते 11 महीनों में सरकारी वाहन पर लगभग 2 लाख 70 हजार रुपये का डीजल खर्च दर्शाया गया है।

इतना ही नहीं, सरकारी वाहन उपलब्ध होने के बावजूद निजी टैक्सी किराए पर लेकर 11 हजार रुपये का भुगतान किया गया, जो नियमों के सीधे उल्लंघन के साथ-साथ जनता के धन के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण है। भाकपा (माले) का कहना है कि यह पूरा मामला सरकारी संसाधनों के निजी इस्तेमाल और भ्रष्ट आचरण को दर्शाता है।

भाकपा (माले) जिला सचिव ने कहा कि यह प्रकरण राज्य सरकार की कथित “भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस” नीति की भी पोल खोलता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस मामले में वास्तव में कोई ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात भी अन्य वादों की तरह केवल एक राजनीतिक जुमला बनकर रह जाएगी।

भाकपा (माले) ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी व्यापारी संगठनों और जन संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन को और तेज करेगी।