*बजाज मोटर्स कर्मकार यूनियन ने जलाई श्रम संहिताओं की प्रतियां, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी* *केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का किया विरोध, श्रमिकों के अधिकारों पर हमला बताया*

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*बजाज मोटर्स कर्मकार यूनियन ने जलाई श्रम संहिताओं की प्रतियां, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी*

 

*केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का किया विरोध, श्रमिकों के अधिकारों पर हमला बताया*

 

रुद्रपुर, 24 नवंबर – बजाज मोटर्स कर्मकार यूनियन ने केंद्र सरकार द्वारा पारित चार श्रम संहिताओं को लागू करने के विरोध में श्रम संहिताओं की प्रतियां परशुराम चौक ट्रांजिट कैंप में जलाई। इस दौरान यूनियन के महामंत्री हीरा सिंह राठौर ने कहा कि जिन चार श्रम संहिताओं को सरकार बहुत अच्छा बता रही है वे दरअसल मजदूरों की गुलामी के दस्तावेज हैं।

 

पुराने 44 श्रम कानूनों में जो अधिकार मजदूरों को हासिल थे, उन अधिकारों में कटौती करके सरकार ने नए सिरे से 4 श्रम संहिता बना दी हैं। पहले से ही सरकार के मजदूर विरोधी रुख के कारण मजदूर बदहाली में जी रहा था। लेकिन अब नए श्रम संहिताओं में अपनी बदहाली के खिलाफ न्याय का दरवाजा भी नहीं खटखटा सकता है।

 

उन्होंने कहा कि पहले श्रमिक अपनी योग्यता के दम पर 58 वर्ष की उम्र तक स्थाई नौकरी फैक्ट्रियों में पा लेते थे। लेकिन इन 4 श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद स्थाई नौकरी के बजाय निश्चित अवधि यानि फिक्स्ड टर्म जॉब होगी। यह निश्चित अवधि अलग –अलग फैक्ट्रियों के स्टैंडिंग ऑर्डर के अनुसार 1 से लेकर 10 साल तक अलग–अलग हो सकती है।

 

भाकपा(माले) के जिला सचिव ललित मटियाली ने कहा कि मोदी सरकार देश के हर संसाधन को पूंजीपतियों को सौंप रही है। देश के श्रम बल को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की कोशिश कर रही है। देश की जमीनों को धड़ल्ले से अडानी, अंबानी जैसे पूंजीपतियों के हाथों लूटा रही है।

 

इस दौरान ऐक्टू शहर अध्यक्ष उत्तम दास, यूनियन अध्यक्ष जगमोहन डसीला, हेम दुर्गापाल, विनोद कुमार, महिपाल सिंह , विनोद पंत , नवल, कैलाश कुमार,संजीव कुमार,गुड्डू कुमार, रामकोमल, बबलू सिंह, पुष्कर सिंह, उमा शंकर, संदीप हुड्डा, प्रदीप चंद , प्रकाश चंद्र, ललित लोहनी , राजेंद्र सिंह, अनिल तिवारी ,कैलाश जोशी, कैलाश भट्ट, गिरीश रावत,अजय यादव, पंचदेव आदि शामिल रहे।