- बगवाड़ा भट्टा गोलीकांड: घायल छात्र राजेंद्र की मौत टालने वाली लापरवाही, अस्पतालों की शर्मनाक करतूत।
रुद्रपुर के बगवाड़ा भट्टा इलाके में छात्र संघ चुनाव प्रचार के दौरान राजेंद्र नामक छात्र पर गोली चलने की घटना ने न केवल समाज को हिला कर रख दिया है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की उस गंभीर लापरवाही को भी उजागर कर दिया है जो किसी भी मरीज के जीवन के लिए घातक साबित हो सकती है। कुछ दिन पहले चुनाव प्रचार के दौरान हुए इस हमले में राजेंद्र की जांघ में गोली लगने के बावजूद जिला चिकित्सालय एवं सुशीला तिवारी चिकित्सालय में इलाज के दौरान इस बात को छुपा दिया गया कि उसकी जांघ में गोली लगी है।
यह गंभीर लापरवाही न केवल राजेंद्र के उपचार में देरी का कारण बनी, बल्कि उसके स्वास्थ्य पर अत्यधिक खतरा भी पैदा किया। अस्पतालों की इस सोच-विचारहीन कार्यप्रणाली ने प्रश्न खड़े कर दिए हैं कि क्या वास्तव में हमारे स्वास्थ्य विभाग में मरीज की जान की कोई कीमत है। राजेंद्र के परिवार का कहना है कि उन्हें अस्पताल में इस गंभीर चोट के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई, जिससे वे उसकी सही स्थिति से अनजान रहे और आवश्यक सतर्कता नहीं बरत पाए। परिवार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की इस गैर-जिम्मेदारी पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला छात्र संघ चुनाव के दौरान बढ़ते तनाव और हिंसा की भयावहता को भी दर्शाता है, जहां चुनावी रंगत में राजनीति इतनी तेज हो जाती है कि संवेदनशील युवा जीवन तक को खतरे में डाल दिया जाता है। इस घटना ने प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारियों की भी पोल खोल दी है, जहां गोली चलाने वाले आरोपी पकड़े गए और जांच चल रही है, मगर अस्पतालों की लापरवाही ने इस मामले को और जटिल बना दिया है।
राजेंद्र के लिए न्याय की लड़ाई अब सिर्फ अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित करना होगा कि वायरस जैसी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में क्षतिपूर्ति हो और भविष्य में किसी और को ऐसे हालात का सामना न करना पड़े। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में पारदर्शिता लाए और घायल छात्र के लिए समुचित इलाज और सुरक्षा का प्रबंध करे। यह घटना न केवल राजेंद्र के परिवार के लिए बल्कि समाज में समान स्थिति में सभी युवाओं के लिए एक चेतावनी है कि हमें अपने युवाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधार के लिए सजग रहने की जरूरत है।
