हल्द्वानी से आसमान तक: Astroverse का स्वदेशी सैटेलाइट 150 मीटर ऊँचाई पर सफल प्रक्षेपित।

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हल्द्वानी से आसमान तक: Astroverse का स्वदेशी सैटेलाइट 150 मीटर ऊँचाई पर सफल प्रक्षेपित


 

हल्द्वानी (उत्तराखंड), 29 अगस्त 2025 —

भारत की युवा वैज्ञानिक शक्ति और नवाचार ने आज एक और ऐतिहासिक छलांग लगाई। Astroverse Experience Pvt. Ltd. ने अपने स्वदेशी रूप से विकसित Earth-observation Cubesat “Astro EO Pico-Sat” का सफल प्रक्षेपण किया। यह उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है।

 

यह अत्याधुनिक पिको-सैटेलाइट लगभग 150 मीटर ऊँचाई तक पहुँचा और उड़ान के दौरान ऊँचाई, वायुदाब और आर्द्रता जैसे मौसम संबंधी आँकड़े दर्ज किए। साथ ही, इसने धरती की हाई-डेफिनिशन तस्वीरें भी कैप्चर कीं।

 

इसका प्रक्षेपण कंपनी द्वारा ही बनाए गए पानी-ईंधन आधारित रॉकेट से किया गया, जिसमें ऑटोमैटिक पैराशूट डिप्लॉय सिस्टम शामिल था। यह भारत के युवाओं की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भर सोच का उज्ज्वल प्रमाण है।

 

 

सैटेलाइट टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट का नेतृत्व युवा इंजीनियर श्री आदित्य भारद्वाज ने किया। रॉकेट प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी की कमान प्रतिभाशाली Sr. R&D Engineer श्री ओंकार सिंह ने संभाली।

डेटा लॉगिंग और विश्लेषण सेक्शन का नेतृत्व युवा और उत्साही इंजीनियर श्री नमन कंडपाल ने किया। युवा इंजीनियर श्री आकाश ओली ने पूरे मिशन को मजबूत आधार देने में अहम सहयोग किया। और इस समूचे अभियान का नेतृत्व R&D हेड श्री विक्रम नेगी ने किया। पूरे प्रोजेक्ट की दिशा और निगरानी Astroverse के COO श्री शुभम कुमार और Academic Head श्री शांतनु कुमार पात्रो ने की।

 

इस सफलता पर कंपनी के CEO श्री अजय कुमार रावत, COO श्री राहुल पंथरी और CTO श्री रुपिन थापा ने टीम को बधाई दी और भविष्य में और ऊँचाइयाँ हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

 

टीम की सफलता पर COO श्री शुभम कुमार ने कहा:

“यह तो बस शुरुआत है। हम ‘नया भारत’ के विज़न–2047 को गति देंगे और अपने देश को नवाचार और वैज्ञानिक शक्ति का वैश्विक केंद्र बनाएंगे।”

 

लॉन्चिंग कार्यक्रम में Astroverse की 25 सदस्यीय टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। हर चेहरे पर गर्व और खुशी की चमक इस सफलता की सच्ची गवाही दे रही थी।

 

  • यह उपलब्धि सिर्फ एक तकनीकी प्रयोग नहीं, बल्कि इस विश्वास का प्रतीक है कि भारत के युवा वैज्ञानिक आने वाले समय में अंतरिक्ष विज्ञान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे।