

सिकुड़ते लोकतंत्र की वापसी के लिए मजदूर वर्ग को उठानी होगी आवाज: ऐक्टू
22 नवंबर को देहरादून में विशाल प्रदर्शन का ऐलान, दिनेश तिवारी बने ऐक्टू के नए राज्य अध्यक्ष
हल्द्वानी, 17 अगस्त 2026। हल्द्वानी स्थित चेतना भवन में आयोजित ऐक्टू की राज्य काउंसिल बैठक में मजदूरों के अधिकार, न्यूनतम मजदूरी, ठेका प्रथा, ईएसआई, बोनस और लोकतांत्रिक अधिकारों समेत विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए ऐक्टू के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड राजीव डिमरी ने कहा कि देश में लगातार सिकुड़ते जा रहे लोकतांत्रिक अधिकारों की वापसी के लिए मजदूर वर्ग को अपनी मांगों को मजबूती के साथ उठाना होगा। उन्होंने ऐलान किया कि मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर 22 नवंबर को देहरादून में विशाल प्रदर्शन और जुलूस आयोजित किया जाएगा।
राजीव डिमरी ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन की जीत ने देश के उत्पीड़ित समुदायों और मजदूर वर्ग के आंदोलनों में नया उत्साह पैदा किया है। उन्होंने कहा कि पानीपत से लेकर नोएडा, मानेसर और उत्तराखंड तक औद्योगिक एवं ठेका मजदूरों के स्वतःस्फूर्त आंदोलनों ने मजदूरों की खराब परिस्थितियों और उनके अधिकारों के सवाल को सामने ला दिया है। उनके मुताबिक मजदूरों को न्यूनतम सम्मानजनक जीवन जीने लायक मजदूरी तक नहीं मिल रही है और अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने पर उन्हें दमन, लाठीचार्ज और जेल का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग को अपनी बेहतर मजदूरी और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खुलकर सामने आना होगा। उन्होंने कर्नाटक सरकार द्वारा 36 हजार रुपये न्यूनतम वेतन घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि ट्रेड यूनियन आंदोलन देशभर में 42 हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम मजदूरी की मांग कर रहा है। इसके साथ ही प्रत्येक मजदूर-कर्मचारी को बोनस और ईएसआई बीमा की गारंटी, आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा तथा सरकारी विभागों में कार्यरत ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन देने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा माले के राज्य सचिव कॉमरेड इन्द्रेश मैखुरी ने उत्तराखंड में मजदूरों की सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों पर सवाल उठाए। उन्होंने विष्णुगढ़-पीपलकोटी हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि हादसे में मजदूरों की मौत और कई लोगों के लापता होने की घटना ने श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे की पूर्व सूचना होने के बावजूद राज्य सरकार टीएचडीसी प्रबंधन की कथित मनमानी पर रोक लगाने में विफल रही। उन्होंने मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये और घायलों को 50 लाख रुपये की सहायता देने की मांग की।
बैठक के दौरान वरिष्ठ शिक्षक, कर्मचारी एवं मजदूर नेता कॉमरेड निशान सिंह के निधन से रिक्त हुए ऐक्टू के राज्य अध्यक्ष पद पर औद्योगिक क्षेत्र के प्रमुख मजदूर नेता कॉमरेड दिनेश तिवारी को सर्वसम्मति से नया राज्य अध्यक्ष चुना गया। बैठक की शुरुआत हाल में दिवंगत हुए पूर्व राज्य अध्यक्ष कॉमरेड निशान सिंह, ऐक्टू के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड आरएन ठाकुर तथा पीपलकोटी हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और एक मिनट का मौन रखने के साथ हुई।
राज्य काउंसिल ने आगामी आंदोलन के लिए कई प्रमुख मांगों को मंजूरी दी। इनमें 42 हजार रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी लागू करने, ईएसआई लाभ के लिए वेतन सीमा समाप्त कर सभी मजदूरों को ईएसआई के दायरे में लाने, कंपनियों और सरकारी विभागों से आउटसोर्स एवं ठेका प्रथा समाप्त करने, स्थायी कर्मचारियों की तरह काम करने वाले आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के बराबर वेतन देने, प्रत्येक मजदूर को कम से कम 8.33 प्रतिशत बोनस की गारंटी देने तथा आशा, आंगनबाड़ी और भोजनमाता को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग शामिल है।
इन मांगों को लेकर 22 नवंबर को राजधानी देहरादून में विशाल प्रदर्शन और जुलूस आयोजित करने का निर्णय लिया गया। ऐक्टू नेताओं ने कहा कि इन मांगों को लेकर प्रदेशभर में अभियान चलाकर मजदूरों और आम जनता के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
राज्य काउंसिल की बैठक में संगठन को मजबूत करने को लेकर भी कई निर्णय लिए गए। वर्ष 2027 में ऐक्टू का अगला राज्य सम्मेलन भव्य रूप से आयोजित करने, राज्य कमेटी का बैंक खाता खोलने और नए सदस्यता लक्ष्य निर्धारित करने सहित विभिन्न सांगठनिक फैसले लिए गए।
बैठक की अध्यक्षता नवनिर्वाचित राज्य अध्यक्ष कॉमरेड दिनेश तिवारी ने की, जबकि संचालन राज्य महामंत्री केके बोरा ने किया। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड राजीव डिमरी, भाकपा माले के राज्य सचिव कॉमरेड इन्द्रेश मैखुरी, राज्य महामंत्री केके बोरा, उपाध्यक्ष कैलाश पांडेय व जोगेंद्र लाल, उपसचिव विनोद कुमार, कोषाध्यक्ष ललित मटियाली समेत उदय धामी, रीता कश्यप, किशन सिंह बघरी, सरस्वती पुनेठा, अनीता अन्ना, वीरभद्र भंडारी, मोहन सिंह, महेश तिवारी, कमल सिंह, मनोज सिंह आर्य, धन सिंह गड़िया, चंदन नेगी, दीपक कांडपाल, मुकेश जोशी, संजय कुमार, प्रकाश नेगी, भीम सिंह, उत्तम दास सहित विभिन्न जिला एवं नगर पदाधिकारी मौजूद रहे।


