

उत्तराखंड आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ ने सरकार से मांगी जायज़ माँगों पर कार्रवाई। रुद्रपुर – भारतीय मज़दूर संघ से सम्बद्ध उत्तरांचल आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार से अपनी लम्बित माँगों को शीघ्र पूर्ण करने की अपील की है। संघ का कहना है कि उनकी माँगें कई बार सरकार के समक्ष रखी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।संघ की प्रमुख माँग है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय अन्य राज्यों के समान 26,000 रुपये प्रतिमाह घोषित किया जाए। वर्तमान में उत्तराखंड में यह मानदेय अन्य राज्यों जैसे हरियाणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश की तुलना में कम है।आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार से यह भी मांग की है कि उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए,
जिससे उन्हें स्थायी सुविधाएं व सामाजिक सुरक्षा मिल सके। संघ ने स्टेशनरी और आने-जाने के भत्ते की व्यवस्था तथा हर महीने किए जाने वाले फेश कैप्चर प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग दोहराई है।इसके अलावा, आंगनवाड़ी प्रमोशन के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, मोबाइल रिचार्ज राशि में बढ़ोतरी, दूध, केला-चिप्स, खजूर और महालक्ष्मी किट जैसे सामग्रियों के ढुलाई खर्च के लिए प्रति माह 1000 रुपये भत्ता, तथा राखी व दीपावली पर बोनस घोषित करने की भी मांग की गई है।संघ ने यह भी कहा है कि पहले की भांति माता समिति के माध्यम से T.H.R (टेक होम राशन) और कुक्ड फूड वितरण प्रणाली को फिर से लागू किया जाए।



