तीन पानी डैम पुलिया पर बजट के बाद और भड़की सियासत: पार्षद पवन राणा ने पुराने वीडियो जारी कर दिखाया “जमीनी हकीकत” का आईना।

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तीन पानी डैम पुलिया पर बजट के बाद और भड़की सियासत: पार्षद पवन राणा ने पुराने वीडियो जारी कर दिखाया “जमीनी हकीकत” का आईना।


रुद्रपुर के तीन पानी डैम क्षेत्र में पुलिया निर्माण के लिए 1 करोड़ 75 लाख रुपये की स्वीकृति के बाद सियासत और तेज हो गई है। दुर्गा बिहार, बालाजीपुरम, शिवपुरम, राम-राम जी बिहार और शिव एन्क्लेव समेत आसपास की कॉलोनियों में वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई थी। बरसात और आपदा के दौरान जल निकासी बाधित होने से लोगों को भारी आर्थिक नुकसान और जोखिम का सामना करना पड़ा।

स्थानीय नागरिकों, विशेषकर क्षेत्र की महिलाओं द्वारा लगातार उठाई गई मांगों के बाद महापौर विकास शर्मा और नगर निगम रुद्रपुर के निर्देश पर पुरानी पुलिया को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई थी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम जल निकासी को सुचारु करने और भविष्य में जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया।

इसी बीच बजट स्वीकृति के बाद श्रेय को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई। क्षेत्रीय विधायक तिलक राज बेहड़ का नाम लेते हुए कुछ जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए कि आपदा के समय किसने जमीनी स्तर पर काम किया और किसने केवल बयान दिए।

इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय पार्षद पवन राणा ने पुराने वीडियो जारी कर सियासत को नया मोड़ दे दिया है। इन वीडियो में कथित रूप से वे और स्थानीय लोग बारिश के दौरान जान जोखिम में डालकर अस्थायी रूप से पुलिया तोड़ते और जल निकासी का रास्ता बनाते दिखाई दे रहे हैं, ताकि कॉलोनियों में भरे पानी का दबाव कम किया जा सके और लोगों को सैलाब जैसी स्थिति से राहत मिल सके। पार्षद का कहना है कि जब क्षेत्र डूब रहा था, तब वे स्वयं मौके पर मौजूद थे और जनता के साथ खड़े होकर राहत कार्य में जुटे थे।

दूसरी ओर राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत बजट को मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की पहल बताते हुए समर्थकों ने इसे त्वरित और जनहितकारी निर्णय करार दिया है।

अब यह मुद्दा केवल एक पुलिया या जलनिकासी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीनी कार्य बनाम राजनीतिक श्रेय की बहस में बदल गया है। जलभराव से त्रस्त स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें वीडियो या बयानबाज़ी से अधिक स्थायी समाधान चाहिए। सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि स्वीकृत धनराशि से बनने वाली नई पुलिया कितनी मजबूती, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ तैयार होती है और क्या सचमुच तीन पानी डैम क्षेत्र की वर्षों पुरानी जलभराव समस्या का स्थायी समाधान हो पाता है या नहीं।