

पश्चिम बंगाल में सम्मानित हुए रुद्रपुर के अधिवक्ता शंकर चक्रवर्ती, सामाजिक व साहित्यिक योगदान का मिला सम्मान
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर निवासी प्रतिष्ठित समाजसेवी, साहित्यप्रेमी एवं अधिवक्ता एडवोकेट शंकर चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उनके सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस सम्मान से उत्तराखंड के बंगाली समाज में खुशी और गर्व का माहौल है।
यह सम्मान महान शिक्षाविद् एवं समाज सुधारक वीरेंद्रनाथ विश्वास की 98वीं जयंती के अवसर पर 2 अगस्त 2026 को उत्तर 24 परगना के बारासात स्थित तितुमीर सभागार में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वीरेंद्रनाथ विश्वास स्मृति संसद, हृदयपुर द्वारा किया गया।
समारोह में वक्ताओं ने वीरेंद्रनाथ विश्वास के शिक्षा, समाजसेवा और मानवीय मूल्यों पर आधारित जीवन को याद करते हुए उनके योगदान को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम में देशभर से साहित्यकार, समाजसेवी, शोधकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल हुए।
इस अवसर पर प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. सुबोध विश्वास की नई काव्य-कृति ‘भांगनेर नील नक्शा’ का भी लोकार्पण किया गया, जिसे साहित्य प्रेमियों ने सराहा।
उत्तराखंड के बंगाली समाज का प्रतिनिधित्व करते हुए समारोह में शामिल हुए एडवोकेट शंकर चक्रवर्ती को समाजहित, भाषा संरक्षण, सांस्कृतिक गतिविधियों और शैक्षिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि उनके प्रयासों से उत्तराखंड में बंगाली समाज को संगठित करने और उसकी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद एडवोकेट शंकर चक्रवर्ती ने वीरेंद्रनाथ विश्वास स्मृति संसद के पदाधिकारियों, आयोजकों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज, भाषा, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।
एडवोकेट शंकर चक्रवर्ती को मिले इस सम्मान पर ऊधम सिंह नगर सहित उत्तराखंड के विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संगठनों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए इसे पूरे उत्तराखंड के बंगाली समाज के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।




