अंकिता भंडारी हत्याकांड में अहम मोड़, रिकॉर्डिंग की मेन डिवाइस न जमा होने पर अदालत ने दिया एक दिन का समय, कल हरिद्वार कोर्ट में जमा होगा फोन और आवाज का सैंपल।
हरिद्वार। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सोमवार को न्यायालय के समक्ष रिकॉर्डिंग से संबंधित मेन डिवाइस नियत समय पर जमा नहीं हो सकी। अपरिहार्य कारणों के चलते फोन कोर्ट में प्रस्तुत न हो पाने की स्थिति को संज्ञान में लेते हुए न्यायालय ने मामले की गंभीरता और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एक दिन का अतिरिक्त समय प्रदान किया है।
न्यायालय को अवगत कराया गया कि रिकॉर्डिंग से जुड़ा साक्ष्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और उसकी प्रामाणिक जांच के लिए मूल डिवाइस का प्रस्तुत होना आवश्यक है। इस संबंध में अदालत ने स्पष्ट किया कि तकनीकी साक्ष्यों की जांच में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी न्याय की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, इसलिए तथ्यों की पूर्णता और पारदर्शिता के लिए समय दिया जाना आवश्यक है।
अदालत से मिले निर्देशों के क्रम में अब संबंधित पक्ष को मंगलवार को हरिद्वार न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अपना आवाज का सैंपल देने के साथ ही रिकॉर्डिंग से जुड़ा मोबाइल फोन, जो कि मेन डिवाइस है, जमा कराना होगा। इस प्रक्रिया के बाद फोन और आवाज के सैंपल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की संभावना है, ताकि रिकॉर्डिंग की सत्यता, छेड़छाड़ की संभावना और आवाज की मिलान प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से पूरी की जा सके।
अंकिता भंडारी हत्याकांड पहले से ही प्रदेश और देश की राजनीति व न्याय व्यवस्था के लिए एक संवेदनशील मामला बना हुआ है। इस प्रकरण में सामने आए ऑडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में मेन डिवाइस का कोर्ट में जमा होना और आवाज के सैंपल की प्रक्रिया पूरी होना मामले की दिशा और दशा तय करने में निर्णायक माना जा रहा है।
न्यायालय द्वारा दिया गया यह एक दिन का समय न केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि अदालत किसी भी साक्ष्य को अधूरा या संदेह के दायरे में रखकर आगे नहीं बढ़ना चाहती। अब सभी की निगाहें मंगलवार को हरिद्वार न्यायालय में होने वाली इस महत्वपूर्ण कार्रवाई पर टिकी हैं, जिसके बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड में तकनीकी साक्ष्यों की परतें खुलने की उम्मीद की जा रही है।
