12 वफात जुलूस के वायरल वीडियो प्रकरण पर बोले युवा अधिवक्ता इमरान सैफी—कानून के दायरे में हो रही कार्रवाई, युवा और सामाजिक लोग बनाए रखें सौहार्द

रुद्रपुर। 12 वफात के जुलूस के दौरान सामने आए वायरल वीडियो प्रकरण को लेकर युवा अधिवक्ता इमरान सैफी ने लोगों से संयम और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रकरण को लेकर संबंधित स्तर पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है और ऐसे संवेदनशील मामले में किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो या अधूरी जानकारी के आधार पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए।
इमरान सैफी ने कहा कि किसी भी विवाद या आरोप का फैसला सोशल मीडिया की चर्चाओं से नहीं, बल्कि कानून और निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में कोई शिकायत या आरोप सामने आया है तो उसकी जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जानी चाहिए तथा जो भी कार्रवाई हो, वह पूरी तरह कानून के दायरे में होनी चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी वीडियो के वायरल होने के बाद बिना उसकी सत्यता और पूरी परिस्थितियों को जाने प्रतिक्रिया देना कई बार स्थिति को अनावश्यक रूप से गंभीर बना देता है। इसलिए युवाओं को जिम्मेदारी का परिचय देते हुए अफवाहों से दूरी बनाए रखनी चाहिए और ऐसी किसी पोस्ट, टिप्पणी या वीडियो को आगे प्रसारित नहीं करना चाहिए, जिससे समाज में तनाव या गलतफहमी पैदा हो।
युवा अधिवक्ता ने कहा कि रुद्रपुर सहित पूरे क्षेत्र में अलग-अलग समुदायों के लोग लंबे समय से आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के साथ रहते आए हैं। किसी एक घटना या विवाद को पूरे समाज के बीच तनाव का कारण नहीं बनने दिया जाना चाहिए। सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका ऐसे समय में और महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वे अपने स्तर से लोगों को संयम बरतने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
इमरान सैफी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी कार्रवाई या प्रकरण को लेकर कोई आपत्ति है तो उसके लिए कानून में उचित माध्यम उपलब्ध हैं। लोग अपनी बात सक्षम अधिकारियों और न्यायालय के समक्ष रख सकते हैं, लेकिन सड़क, सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर विवाद को बढ़ाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी मामले में तथ्यों की जांच तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन और पुलिस से भी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ मामले की जांच आगे बढ़ाने की अपेक्षा जताई और कहा कि संवेदनशील प्रकरणों में अफवाहों पर रोक लगाना तथा आम लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है। साथ ही उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें और किसी भी उकसावे में न आएं।
इमरान सैफी ने अंत में कहा कि शहर की शांति और सामाजिक सौहार्द किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इसलिए 12 वफात के वायरल वीडियो प्रकरण को लेकर सभी लोग धैर्य रखें, कानून को अपना काम करने दें और आपसी भाईचारे को किसी भी कीमत पर प्रभावित न होने दें। उन्होंने कहा कि युवाओं और सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों को इस समय विवाद बढ़ाने के बजाय शांति, संयम और सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाना चाहिए।