

रुद्रपुर में टैगोर जयंती पर बंगाली समाज का ऐतिहासिक अनिश्चितकालीन धरना शुरू, आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन तेज


रुद्रपुर। रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के अवसर पर रुद्रपुर में बंगाली समाज ने आरक्षण की मांग को लेकर ऐतिहासिक अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। “आरक्षण हमारा अधिकार” के बैनर तले शुरू हुए इस आंदोलन का नेतृत्व समाजसेवी सुब्रत कुमार विश्वास कर रहे हैं। वर्षों से अपनी मांगों की अनदेखी से नाराज बंगाली समाज अब निर्णायक लड़ाई के मूड में दिखाई दे रहा है।
7 मई को आयोजित गोष्ठी में समाज के वरिष्ठ लोगों ने सर्वसम्मति से आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से सरकार और प्रशासन को ज्ञापन दिए जाते रहे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब आंदोलन ही आखिरी रास्ता बचा है। आंदोलन की शुरुआत आंशिक धरने से की गई है, जिसमें सुब्रत कुमार विश्वास और अभिमन्यु साना प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक धरने पर बैठेंगे। आने वाले दिनों में इसे 24 घंटे के धरने और जरूरत पड़ने पर आमरण अनशन तक ले जाने की रणनीति तैयार की गई है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि बंगाली समाज वर्षों से सामाजिक और आर्थिक उपेक्षा का शिकार रहा है। सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण न मिलने से युवाओं में भारी निराशा है। आंदोलन की प्रमुख मांग “एक देश, एक कानून” के तहत बंगाली समाज को संवैधानिक आरक्षण देने की है।
गोष्ठी में डॉक्टर शुभ्रो चक्रवर्ती ने युवाओं से आंदोलन में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि अब नई क्रांति का समय आ गया है। वरिष्ठ नेता समीर राय ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और व्यापक होगा। वहीं दिलीप अधिकारी ने समाज को संगठित होकर बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में नारायण महाजन, विद्युत सिकदर, संजय सरकार, गौरव सरकार, सत्यजीत सरकार, गोपी सरकार, गौरांग सरकार, शंकर चक्रवर्ती, धीरज विश्वास, विष्णु मंडल, अर्जुन विश्वास, दीपक विश्वास, गुलाबचंद गुप्ता, राहुल Kumar, हैप्पी रंधावा और आदिल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि यह लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर इसे देशव्यापी आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
