बरसात में भीग कर मांगा इंसाफ, फूंका प्रशासन का पुतला। गौलापार में हुए नृशंस हत्याकांड पर नहीं थम रहा आक्रोश।
हल्द्वानी : उत्तराखंड में नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित गौलापार में हुई 10 वर्षीय किशोर की नृशंस हत्या और उसके बाद पुलिस जांच से उपजा आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भारी बारिश के बीच भी लोगों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा। लोगों ने पुलिस जांच को गलत ठहराते हुए जमकर नारेबाजी की और सीबीआई जांच की मांग को दोहराया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन का पुतला फूंका।
मृत किशोर के परिवार के साथ धरना-प्रदर्शन में डटे जन एकता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह का कहना था कि जिस तरह से हत्याकांड को अंजाम दिया गया, वह आश्चर्यजनक है। पुलिस का कहना है कि दुष्कर्म में नाकाम होने पर हत्या की गई। जबकि ऐसी बात छिपाने के लिए कौन सा हत्यारा शव के टुकड़े-टुकड़े करता है। वहीं किशोर के परिजनों का कहना है कि अब सीबीआई जांच से सही बात निकल कर सामने आएगी। उन्हें पुलिस पर जरा भी भरोसा नहीं है।
इस दौरान नानक चंद, हरीश कश्यप, अंकित मौर्य, राजा बाबू, हिमांशु मौर्य, अवनीश, करन, सूरज मौर्य, करन जीना, राहुल मौर्य, विक्रम मौर्य, सुशील मौर्य, नरेन्द्र मौर्य, पीतम मौर्य, आर्येंद्र शर्मा, आर. पी. सिंह, विरेन्द्र कुमार मौर्य, अमन, पवन वर्मा, सचिन मौर्य, हर्षित, भूपेश, वेदप्रकाश ( बंटी), गणेश मौर्य, सचिन, जयवीर, राहुल मौर्य, राजेन्द्र, महेंद्र पाल, पिंटू, धर्मवीर, सौरभ मौर्य, विनय, गौरव, गौतम, विशाल मौर्य, सत्यवान, सन्तोष, गोपाल, भूपेंद्र, ललित कश्यप आदि थे।
बता दें कि 10 वर्षीय किशोर की हत्या 4 अगस्त को की गई थी। पश्चिमी खेड़ा गौलापार के निखिल जोशी पर हत्या का आरोप है और वो जेल में है। किशोर को आरोपी ने तीन टुकड़ो में काटा और इससे पहले उसकी गला दबा कर हत्या की। उसने अपने ही घर के पीछे दो अलग-अलग स्थानों पर सिर, हाथ और धड़ को दफना दिया था।
