अरुणाचल में चीनी घुसपैठ के वायरल दावे की सच्चाई, सरकार ने किया खंडन

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अरुणाचल में चीनी घुसपैठ के वायरल दावे की सच्चाई, सरकार ने किया खंडन
सोशल मीडिया पर हाल के दिनों में यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के ताकसिंग सेक्टर में भारतीय सीमा के भीतर कई किलोमीटर तक घुसपैठ कर सैन्य शिविर, सड़कें और अन्य ढांचे बना लिए हैं। इन दावों ने देशभर में चिंता बढ़ा दी।
हालांकि, भारतीय सेना और केंद्र सरकार ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। सेना ने स्पष्ट बयान जारी करते हुए कहा कि चीनी सेना के भारतीय क्षेत्र में नए कैंप स्थापित करने या हालिया घुसपैठ की खबरें “तथ्यहीन और निराधार” हैं।


यह विवाद तब सामने आया जब अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले की स्थानीय संस्था नाह वेलफेयर सोसाइटी (NWS) ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में चीन ने पारंपरिक चरागाहों और स्थानीय जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, पुल और सैन्य ढांचे तैयार किए हैं। संस्था ने मामले की जांच और केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की मांग की।

इसी बीच केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने भी वायरल दावों का खंडन करते हुए कहा कि भारतीय क्षेत्र में किसी तरह की घुसपैठ नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा पूरी तरह सीमांकित नहीं है, इसलिए दोनों पक्षों की गश्त के दौरान कभी-कभी “ट्रांसग्रेशन” की घटनाएं होती हैं, लेकिन इसे भारतीय क्षेत्र पर कब्जा नहीं माना जा सकता।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पूरी तरह निर्धारित नहीं है। ऐसे में सीमावर्ती इलाकों में दोनों देशों की गश्त को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहते हैं, लेकिन किसी भी बड़े दावे की पुष्टि आधिकारिक एजेंसियों से होना आवश्यक है।
निष्कर्ष:
फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना द्वारा नई घुसपैठ कर भारतीय क्षेत्र में सैन्य कैंप स्थापित करने के वायरल दावों की पुष्टि नहीं हुई है। भारतीय सेना और केंद्र सरकार ने इन रिपोर्टों को भ्रामक और आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया है।