

**पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल की छवि धूमिल करने की साज़िश


फर्जी ऑडियो–वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की मांग, कोतवाली में शिकायत**
रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर:
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल की राजनीतिक और सामाजिक छवि खराब करने की कथित साज़िश का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में उनके छोटे भाई संजय ठुकराल पुत्र स्वर्गीय खान चंद ठुकराल निवासी वैशाली कॉलोनी, रुद्रपुर ने कोतवाली रुद्रपुर में लिखित शिकायत देकर फर्जी ऑडियो–वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में संजय ठुकराल ने बताया कि उन्हें न्यूज़ पोर्टलों के माध्यम से जानकारी मिली कि पूर्व पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीना शर्मा की तहरीर पर उनके बड़े भाई पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के विरुद्ध कथित फर्जी ऑडियो प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह ऑडियो कहां से आया, किसने बनाया और किस उद्देश्य से तैयार किया गया, इसकी कोई प्रामाणिक जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। काफी खोजबीन के बावजूद ऑडियो के स्रोत का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
आरोप लगाया गया है कि कुछ पोर्टल संचालकों और असामाजिक तत्वों द्वारा कथित रूप से एआई तकनीक से तैयार फर्जी ऑडियो–वीडियो को जानबूझकर वायरल किया गया, ताकि पूर्व पालिका अध्यक्ष मीना शर्मा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल दोनों की राजनीतिक व सामाजिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया जा सके। शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि यह एक सुनियोजित साजिश है, जिसका उद्देश्य समाज में भ्रम फैलाना और प्रतिष्ठा धूमिल करना है।
संजय ठुकराल ने पुलिस से मांग की है कि जिस पोर्टल ने सबसे पहले उक्त फर्जी ऑडियो को प्रसारित किया, ऑडियो–वीडियो तैयार करने वाले व्यक्ति या समूह, तथा इसे उपलब्ध कराने वाले स्रोत की गहन जांच कराई जाए। यदि तकनीकी जांच की जाए तो यह स्पष्ट हो सकता है कि वीडियो कहां से उत्पन्न हुई और किसने इसे बनाकर वायरल किया।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की फर्जी और भ्रामक सामग्री के जरिए किसी की छवि खराब करने का दुस्साहस कोई न कर सके।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब एआई तकनीक के दुरुपयोग से जुड़े मामलों पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि इस कथित साजिश के पीछे कौन है और कानून का शिकंजा कब तक कसता है।
