कठर्रा गऊघाट चेहल्लुम दंगल प्रकरण में सरताज अली उर्फ गुड्डू पक्ष को High Court से बड़ी राहत, तौफीक अहमद की रिट खारिज; अब आरोपियों की गिरफ्तारी का सवाल ?

कठर्रा गऊघाट चेहल्लुम दंगल प्रकरण में सरताज अली उर्फ गुड्डू पक्ष को High Court से बड़ी राहत, तौफीक अहमद की रिट खारिज; अब आरोपियों की गिरफ्तारी कब?


किच्छा। कठर्रा गऊघाट में चेहल्लुम के मौके पर आयोजित दंगल के दौरान हुए विवाद और मारपीट का मामला अब एक बार फिर सुर्खियों में है। पूर्व प्रधान पति तौफीक अहमद की ओर से High Court में दाखिल रिट याचिका खारिज होने के बाद सरताज अली उर्फ गुड्डू पक्ष ने इसे अपने लिए बड़ी कानूनी राहत बताया है। High Court के आदेश के बाद अब मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया Sessions Court में जारी रहने का रास्ता साफ माना जा रहा है।

बताया गया कि दंगल के दौरान दोनों पक्षों में विवाद के बाद मारपीट हुई थी, जिसमें सरताज अली उर्फ गुड्डू पक्ष के कई लोग घायल हुए थे। घायलों को सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार दिलाया गया। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से Police में मुकदमे दर्ज कराए गए और मामला न्यायालय तक पहुंच गया।

सरताज पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि दंगल के दौरान उनके पक्ष के लोगों पर जानलेवा हमला किया गया। पक्ष का यह भी आरोप है कि घटना के बाद पूरे प्रकरण को दूसरी दिशा देने का प्रयास किया गया तथा दूसरे पक्ष की ओर से अपने ही पक्ष के एक व्यक्ति को धारदार ब्लेड से चोट पहुंचाकर अलग मुकदमा दर्ज कराया गया। हालांकि इन आरोपों की अंतिम कानूनी पुष्टि न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही होगी।

अब High Court द्वारा रिट याचिका खारिज किए जाने के बाद प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर खड़ा हो गया है। जानलेवा हमले के आरोपों में नामजद आरोपियों के खिलाफ Police कब और किस स्तर पर कार्रवाई करती है, इस पर क्षेत्र की नजरें टिकी हैं। फिलहाल Police की ओर से गिरफ्तारी को लेकर कोई निश्चित समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है।

सरताज अली उर्फ गुड्डू पक्ष ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और मामले में कानून के मुताबिक निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। पक्ष ने प्रकरण की जांच में सहयोग के लिए कलकत्ता चौकी प्रभारी विजय कुमार, कोतवाली किच्छा तथा क्षेत्राधिकारी सितारगंज का आभार जताया है।

कठर्रा गऊघाट का यह विवाद केवल दंगल में हुई मारपीट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पंचायत की राजनीति और स्थानीय स्तर पर चली आ रही गुटबाजी के बीच यह मामला क्षेत्र में चर्चा का बड़ा विषय बन गया। High Court में हुई सुनवाई के बाद अब पुलिस कार्रवाई और Sessions Court की आगामी कार्यवाही पर सभी की निगाहें हैं।

हालांकि High Court द्वारा रिट खारिज किया जाना अपने आप में किसी आरोपी के दोष या निर्दोष होने का अंतिम निर्धारण नहीं है। पूरे प्रकरण में आरोपों की कानूनी स्थिति, साक्ष्य और दोनों पक्षों की दलीलों पर आगे न्यायालय में सुनवाई होगी। दोष अथवा निर्दोषता का अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा पूरी न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही किया जाएगा।

सरताज अली उर्फ गुड्डू पक्ष ने क्षेत्र के युवाओं और सामाजिक लोगों से अफवाहों से बचने, संयम बनाए रखने और आपसी भाईचारा कायम रखने की अपील की है। पक्ष का कहना है कि किसी भी विवाद का समाधान सड़क पर नहीं, बल्कि कानून और न्यायालय की प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।

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