रुद्रपुर में लोहड़ी का उल्लास: 13 जनवरी को सिटी क्लब में भव्य उत्सव, परंपरा-संस्कृति और सौहार्द का होगा संगम। रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा होंगे मुख्य अतिथि।

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रुद्रपुर में लोहड़ी का उल्लास: 13 जनवरी को सिटी क्लब में भव्य उत्सव, परंपरा-संस्कृति और सौहार्द का होगा संगम। रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा होंगे मुख्य अतिथि।

 

रुद्रपुर। खुशहाली, नई फसल और सामूहिक उल्लास का प्रतीक पर्व लोहड़ी इस वर्ष रुद्रपुर में एक बार फिर पूरे पारंपरिक रंग और सांस्कृतिक भव्यता के साथ मनाया जाएगा। 13 जनवरी को रुद्रपुर सिटी क्लब में लोहड़ी उत्सव आयोजन समिति द्वारा भव्य लोहड़ी उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन क्षेत्रीय विधायक शिव अरोरा की प्रेरणा और मार्गदर्शन में हो रहा है, जिसमें वे स्वयं मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

कार्यक्रम की तैयारियों और रूपरेखा को लेकर आयोजन समिति ने सिटी क्लब में पत्रकार वार्ता कर विस्तृत जानकारी साझा की। समिति के हरीश जल्होत्रा, राजकुमार फुटेला, पंकज बांगा, राजेश डाबर, सुखदेव भल्ला और केवल बत्रा ने बताया कि लोहड़ी पर्व पंजाबी समाज की आस्था, कृषि संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व नई फसल के स्वागत, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और परिवार व समाज के बीच आपसी प्रेम और सौहार्द को मजबूत करने का संदेश देता है।

लोहड़ी का इतिहास सदियों पुराना है, जो मुख्य रूप से पंजाब और उत्तर भारत के कृषि समाज से जुड़ा हुआ है। अग्नि के चारों ओर एकत्र होकर लोहड़ी मनाना, तिल, मूंगफली, रेवड़ी और गजक अर्पित करना तथा लोकगीत गाना इस पर्व की मूल परंपराएं हैं। मान्यता है कि लोहड़ी की अग्नि में समर्पण करने से नकारात्मकता का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यही कारण है कि यह पर्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखता है।

तराई क्षेत्र, विशेषकर रुद्रपुर में, लोहड़ी ने वर्षों से विभिन्न समाजों के बीच आपसी भाईचारे को मजबूत किया है। पंजाबी समाज के साथ-साथ अन्य समुदाय भी इस पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। रुद्रपुर का गांधी पार्क लंबे समय तक लोहड़ी मेले का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोकनृत्य और पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से सामाजिक समरसता देखने को मिलती रही है। समय के साथ आयोजन स्थलों और स्वरूप में बदलाव हुआ, लेकिन लोहड़ी का मूल भाव—सौहार्द, सहभागिता और सामाजिकता—आज भी कायम है।

इस वर्ष सिटी क्लब में आयोजित हो रहे लोहड़ी उत्सव में दोपहर 3 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में पंजाब की प्रसिद्ध भांगड़ा टीम द्वारा ऊर्जावान प्रस्तुतियां, पंजाबी गीतों पर कलाकारों का नृत्य, पारंपरिक गिद्दा और रणजीत अखाड़ा द्वारा गतका का प्रदर्शन शामिल रहेगा। शाम 5:30 बजे पूर्ण विधि-विधान के साथ लोहड़ी प्रज्वलन किया जाएगा, जहां मूंगफली और गजक की मिठास के साथ पर्व की परंपराएं निभाई जाएंगी।

आयोजकों ने बताया कि पंजाबी संस्कृति के अनुरूप मक्के की रोटी, सरसों का साग, चटपटी चाट सहित अन्य स्वादिष्ट व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति ने शहरवासियों से अपील की है कि वे परिवार सहित इस उत्सव में शामिल होकर इसकी भव्यता और सांस्कृतिक विरासत का आनंद लें।

लोहड़ी जैसे पर्व आज के समय में इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं क्योंकि समाज में बढ़ते वैचारिक मतभेदों और आयोजनों को लेकर उठने वाले विवादों के बीच ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आपसी संवाद और सौहार्द का माध्यम बनते हैं। आयोजन समिति का कहना है कि लोहड़ी राजनीति या विवाद से ऊपर उठकर समाज को जोड़ने वाला पर्व है और रुद्रपुर की पहचान हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब और सामूहिक सहभागिता रही है।

इस आयोजन में क्षेत्र के सामाजिक, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी वर्ग और विभिन्न समुदायों के लोग शामिल होंगे, जिससे यह उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगा। पत्रकार वार्ता के दौरान आयोजन समिति के संजीव कुमार, उमेश पासरीचा, किरण विर्क, रोनिक नारंग, राजेश पप्पल, मोहित चड्ढा और गौरव अरोरा भी मौजूद रहे।

आयोजन समिति ने विश्वास जताया कि 13 जनवरी को होने वाला यह लोहड़ी उत्सव रुद्रपुर में परंपरा, संस्कृति और भाईचारे का एक यादगार अध्याय साबित होगा।