दमदार प्रदर्शन: चुनौतियों के बावजूद परिवहन विभाग ने हासिल किया लगभग शत-प्रतिशत राजस्व लक्ष्य।

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दमदार प्रदर्शन: चुनौतियों के बावजूद परिवहन विभाग ने हासिल किया लगभग शत-प्रतिशत राजस्व लक्ष्य।


देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार के नेतृत्व में परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले लगभग 99 प्रतिशत राजस्व प्राप्त किया है। विभाग ने डेढ़ हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित कर खुद को राज्य के अग्रणी राजस्व संग्रहण करने वाले विभागों में शामिल किया है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विभाग ने कई चुनौतियों के बावजूद यह उपलब्धि हासिल की। इस दौरान नए वाहनों की बिक्री में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो सकी। जहां वर्ष 2024-25 में वाहन बिक्री वृद्धि दर 8.45 प्रतिशत थी, वहीं 2025-26 में यह घटकर 7.62 प्रतिशत रह गई। इसके बावजूद विभाग ने राजस्व में लगभग 9.20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

राजस्व पर कुछ नीतिगत फैसलों का भी असर पड़ा। इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स में छूट देने से करीब 83.07 करोड़ रुपये की राजस्व हानि हुई। इसके अलावा जीएसटी दरों में कमी और बीएच (BH) सीरीज के वाहनों के पंजीकरण से भी आय प्रभावित हुई।

वहीं, नेशनल परमिट और ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के माध्यम से केंद्र सरकार से राज्य को लगभग 77 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ, जिसने कुल आय में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

गौरतलब है कि राज्य गठन के समय परिवहन विभाग का राजस्व मात्र 56 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 1000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि विभाग की निरंतर प्रगति और प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाती है।

कुल मिलाकर, तमाम चुनौतियों के बावजूद परिवहन विभाग ने अपने लक्ष्य के करीब पहुंचकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है, जो राज्य की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।