उत्तराखंड में सियासी हलचल तेज: मंत्री रेखा आर्य ने पति पप्पू गिरधारी पर लगाए हत्या की साजिश, मारपीट, जातिसूचक अपशब्द और फर्जीवाड़े के आरोप; 1990 के जैन दंपति हत्याकांड में भी सामने आया था नाम
देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कैंट कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। 15 अक्टूबर 2026 को दर्ज मामले में मारपीट, जान से मारने की धमकी, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए कंपनियों के निदेशक पद से हटाने और हत्या की साजिश रचने जैसे आरोप शामिल हैं। रेखा आर्य ने अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है। मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
शिकायत के मुताबिक, रेखा आर्य का विवाह 6 जुलाई 2004 को बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू के साथ हुआ था। उनका आरोप है कि विवाह के समय पति ने अपनी पहली शादी की जानकारी छिपाई थी। बाद में सच्चाई सामने आने पर बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्होंने चुप्पी साध ली। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पति के अन्य महिलाओं से कथित संबंधों का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। रेखा आर्य ने यह भी आरोप लगाया कि उनके सरकारी आवास पर स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें अपमानित किया गया।
मामले का सबसे गंभीर पहलू एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग है। रेखा आर्य के अनुसार, इसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश रचते सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कथित कूटरचित हस्ताक्षरों और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में उन्हें निदेशक पद से हटाया हुआ दर्शाया गया, जबकि उन्होंने कोई त्यागपत्र नहीं दिया। पुलिस के सामने अब कथित ऑडियो की प्रामाणिकता, दस्तावेजों की सत्यता और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की जांच महत्वपूर्ण होगी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
1990 के जैन दंपति हत्याकांड में भी सामने आया था पप्पू गिरधारी का नाम
गिरधारी लाल साहू का नाम वर्ष 1990 में उत्तर प्रदेश के बरेली में हुए नरेश जैन और उनकी पत्नी पुष्पा जैन के चर्चित दोहरे हत्याकांड में भी सामने आया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 11 जून 1990 को हुई इस घटना की जांच के दौरान पप्पू गिरधारी समेत 11 लोगों के नाम सामने आए थे। अक्टूबर 2021 में वह इस मामले में अदालत में पेश हुए थे। उस समय उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने और बाद में अदालत में पेशी की खबरें भी प्रकाशित हुई थीं। यह पुराना मामला वर्तमान शिकायत से अलग है और इसकी मौजूदा न्यायिक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
रेखा आर्य की ताजा शिकायत के बाद अब निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। कथित ऑडियो, कंपनी के दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच से ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों को अदालत में सिद्ध होना बाकी है और गिरधारी लाल साहू का पक्ष भी सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
